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बिहार में पहले फेस की वोटिंग 6 नवंबर को होने जा रही है। चुनाव बिहार में है लेकिन इसकी तैयारी छत्तीसगढ़ में पिछले 8 महीने से चल रही थी। एक भारत श्रेष्ठ भारत अभियान के तहत भाजपा छत्तीसगढ़ के उन 8 जिलों में कार्यक्रम कर रही थी जहां बिहार के लोग अधिक रह
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इन शहरों में अप्रैल महीने से बिहार के लोगों को मोटिवेट किया जा रहा था कि वे अपने रिश्तेदारों को छत्तीसगढ़ मॉडल के बारे में बताएं। यहां हो रहे विकास कार्यों की जानकारी दें। एनडीए की सरकार बनने पर बिहार की सूरत कैसे बदल सकती है, यह भी बताएं।
इसके साथ ही जो आज भी बिहार के वोटर्स हैं उन्हें भी मोटिवेट किया जा रहा था कि वे वोट डालने जरूर जाएं। इस अभियान के तहत ऐसे 250 आम लोग भी तैयार हुए, जो अपनी इच्छा से बिहार चुनाव में भाजपा के समर्थन में प्रचार करने पहुंचे हैं। ये लोग गांव-गांव जाकर प्रचार कर रहे हैं।
भाजपा संगठन ने भी डाला डेरा भाजपा संगठन के कई बड़े पदाधिकारी की ड्यूटी भी बिहार चुनाव में लगी हुई है। प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव, मुख्य प्रवक्ता संतोष पांडेय, हेमंत पाणिग्रही जैसे नेताओं ने कमान संभाल रखी है। वहीं पिछले चार महीने से सीजीएमएससी के अध्यक्ष दीपक महस्के भाजपा सोशल मीडिया को लीड कर रहे हैं। नान के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव को सिवान, गोपालगंज और छपरा में लगा रखा गया है। अपेक्स बैंक के अध्यक्ष केदारनाथ गुप्ता चंपारण वेस्ट और चंपारण ईस्ट की 21 विधानसभाओं को लीड कर रहे हैं।
महतारी वंदन से लेकर नई उद्योग नीति तक छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार बनने के बाद महतारी वंदन और नई उद्योग नीति जैसे फैसलों का प्रचार बिहार में किया जा रहा है। एनडीए की सरकार बनने के बाद कैसे राज्य और केंद्र सरकार एक साथ मिलकर विकास करती है, इसके उदाहरण भी दिए जा रहे हैं। जैसे पीएम आवास में कैसे मकानों को कांग्रेस ने रोक रखा था लेकिन सरकार बनते ही गरीबों को मकान मिलना शुरू हाे गया। घोषणा पत्र के वचनों को किस तरह निभाया जाता है, इसकी मिसाल भी पेश की जा रही है।
मंत्री-विधायक की लगी ड्यूटी
दो मंत्री गजेंद्र यादव और लखनलाल देवांगन को पूरी तरह से बिहार चुनाव में ही लगा रखा गया है। बाकी मुख्यमंत्री की भी दो सभाएं वहां करवाई गईं। उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा भी वहां प्रचार करने में जुटे हुए हैं। बाकी मंत्रियों को भी दो-तीन दिन के लिए चुनाव प्रचार में अलग-अलग विधानसभा में भेजा गया। इसके अलावा सुशांत शुक्ला, भावना बोहरा जैसे विधायक भी नियमित बिहार में ही हैं।
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