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गुरु घासीदास के जन्मोत्सव के अवसर पर आनंद आश्रम में सेवा, समर्पण और मानवता से परिपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डॉ. मनीष बंजारा व जीवन बंजारा ने बाबा गुरु घासीदास के चित्र पर पूजा-अर्चना कर वरिष्ठजनों के मंगलमय जीवन की कामना की और चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
डॉ. मनीष बंजारा ने कहा कि गुरु घासीदास ने मनखे-मनखे एक समान का नारा देकर मानव समाज को समानता, एकता और प्रेम का संदेश दिया, जो आज भी उतना ही प्रासंगिक है। कार्यक्रम के दौरान आनंद आश्रम में निवासरत 12 वृद्धजनों का सम्मान किया गया। ठंड से बचाव के लिए उन्हें शाल व टोपी भेंट की गई। साथ ही स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई। वृद्धजनों के चेहरों पर खुशी और संतोष स्पष्ट दिखाई दिया। डॉ. मनीष बंजारा ने कहा कि किसी भी समाज की पहचान उसके बुजुर्गों के प्रति सम्मान और सेवा से होती है। वृद्धजन समाज की अमूल्य धरोहर हैं, जिनके अनुभव और आशीर्वाद आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। वृद्धा आश्रम के प्रमुख दिलीप अग्रवाल ने इस पहल की सराहना करते हुए ईश्वर से कामना की कि यह स्नेह और सेवा निरंतर बनी रहे। कार्यक्रम में अधिवक्ता जितेन्द्र जांगड़े, चित्रलेखा सहित आश्रम के कर्मचारी उपस्थित रहे।
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