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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय तत्काल जारी हो: प्रदेश अध्यक्ष कविता यादव की मांग

जशपुर जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के घरों में इस बार दीपावली का पर्व आर्थिक तंगी के कारण फीका पड़ गया है। पिछले दो माह से मानदेय का भुगतान नहीं होने के कारण हजारों परिवारों के सामने घर का खर्च चलाने से लेकर त्योहार की तैयारियां करने तक की मुश्किल खड़ी हो गई है। स्थिति यह है कि त्योहार के मौके पर दुकानदारों से उधार मिलना भी मुश्किल हो गया है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है।

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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं का कहना है कि वे सालभर पूरी जिम्मेदारी और निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करती हैं। बच्चों के पोषण, महिलाओं और गर्भवती माताओं की देखभाल सहित शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। इसके बावजूद, उन्हें अपने ही मेहनत के मानदेय के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।

जशपुर जिले की अध्यक्ष दिलासो कुजूर ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि दो माह से मानदेय नहीं मिलने के कारण आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई है। पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे परिवारों के लिए अब त्योहार की छोटी-छोटी जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो गया है। बच्चों के लिए नए कपड़े खरीदना, घर में मिठाई लाना और दीपावली की अन्य तैयारियां करना कठिन हो गया है।

दिलासो कुजूर ने आगे कहा कि यह केवल मानदेय भुगतान में देरी का मामला नहीं है, बल्कि उन हजारों परिवारों की आजीविका और सम्मान से जुड़ा विषय है, जो अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए इसी मानदेय पर निर्भर हैं। त्योहार के समय भी अपने मेहनत के पैसे के लिए इंतजार करना बेहद पीड़ादायक है।

वहीं, प्रदेश अध्यक्ष कविता यादव ने भी लंबित मानदेय को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं समाज के बच्चों एवं महिलाओं के पोषण और देखभाल की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाती हैं, लेकिन उनके अपने परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। उन्होंने शासन-प्रशासन से दो माह का लंबित मानदेय तत्काल जारी करने तथा भविष्य में प्रत्येक माह समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है।

दीपावली हर परिवार के लिए खुशियों और रोशनी का त्योहार है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं भी समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जिनके योगदान से शासन की अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं धरातल पर संचालित होती हैं। ऐसे में त्योहार के ठीक पहले उनका मानदेय लंबित होना कई सवाल खड़े करता है। अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को उम्मीद है कि शासन उनकी परेशानी को गंभीरता से लेते हुए लंबित मानदेय का शीघ्र भुगतान करेगा, ताकि वे भी अपने परिवार के साथ सम्मानपूर्वक दीपावली का पर्व मना सकें।

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