दंतेश्वरी मंदिर में मोबाइल के साथ नो एंट्री:काउंटर में 2000 मोबाइल रखने की सुविधा, पहली बार मीडियाकर्मियों को अंदर लेकर जा रहे जवान

मां दंतेश्वरी मंदिर में नवरात्रि के पहले ही दिन श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़ उमड़ी। इस बार भक्तों को मंदिर के अंदर मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं है। जिला प्रशासन, पुलिस और मंदिर समिति ने सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यह नई व्यवस्था लागू की है। भक्तों को मंदिर के बाहर बने काउंटर पर मोबाइल जमा करना होगा। पहले दिन कुछ ही घंटों में 500 से ज्यादा श्रद्धालु मोबाइल जमा कर चुके थे। दैनिक भास्कर की टीम जब कवरेज के लिए मंदिर के अंदर पहुंची, तो टीम के साथ भी 4 जवान तैनात रहे। मीडिया को गरुड़ स्तंभ तक मोबाइल ले जाने और वहां से कवरेज करने की अनुमति है। जबकि मंदिर के अंदर मां की प्रतिमा वाले स्थान और प्रतिबंधित हिस्सों की फोटो-वीडियोग्राफी की अनुमति नहीं है। इन हिस्सों की फुटेज प्रशासन और पुलिस के अधिकृत कैमरा पर्सन के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है। मंदिर के बाहर पुलिस सहायता केंद्र के पास बना मोबाइल काउंटर नवरात्रि के पहले दिन सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां दंतेश्वरी के दर्शन के लिए पहुंचे। मंदिर के बाहर जय स्तंभ चौक के पास, पुलिस थाना के बगल में पुलिस सहायता केंद्र बनाया गया है। इसके ठीक पास मोबाइल जमा करने के लिए काउंटर तैयार किया गया है। व्यवस्था संभालने के लिए दंतेवाड़ा तहसीलदार, नगर पालिका सीएमओ और जनपद सीईओ की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा बड़ी संख्या में पुलिस जवान भी तैनात किए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि, मोबाइल जमा करने और वापस लेने की प्रक्रिया को आसान रखने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल, काउंटर पर एक बार में करीब 1000 से 2000 मोबाइल रखने की व्यवस्था है। भीड़ बढ़ने पर इसकी क्षमता बढ़ाई जाएगी। दर्शन के दौरान मोबाइल और सेल्फी पर रोक, इसलिए लिया फैसला प्रशासन के मुताबिक, मोबाइल लेकर मंदिर के अंदर जाने पर कई श्रद्धालु दर्शन के साथ फोटो और सेल्फी लेने में भी समय लगाते थे। इससे दर्शन की कतार आगे बढ़ने में देर होती थी। मोबाइल बाहर जमा कराने की व्यवस्था से श्रद्धालुओं को कम समय में दर्शन कराने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, नई व्यवस्था पर श्रद्धालुओं की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई। कुछ लोगों ने इसे सुरक्षा और दर्शन की सुविधा के लिहाज से अच्छा कदम बताया, जबकि कुछ श्रद्धालुओं ने मोबाइल जमा कराने की व्यवस्था पर नाराजगी भी जताई। ओडिशा के कोरापुट से आई एक महिला श्रद्धालु ने बताया कि उन्होंने अपना मोबाइल काउंटर पर जमा कराया और इसके बाद दर्शन के लिए गईं। दंतेवाड़ा से पहुंचे पुरुष श्रद्धालुओं ने भी मोबाइल बाहर जमा कर दर्शन किए। दैनिक भास्कर की टीम के साथ अंदर गए चार जवान, गरुड़ स्तंभ तक कवरेज की अनुमति नई व्यवस्था का असर मीडिया कवरेज पर भी पड़ा है। मंदिर के अंदर मोबाइल ले जाने और फोटो-वीडियोग्राफी करने को लेकर पाबंदियां लगाई गई हैं। दैनिक भास्कर की टीम जब कवरेज के लिए पहुंची, तो उसके साथ चार जवान अंदर तक गए। मीडिया को मंदिर के बाहर स्थित गरुड़ स्तंभ तक मोबाइल ले जाने और वहां से कवरेज करने की अनुमति दी गई है। लेकिन गर्भगृह के सामने वाले स्थान और उससे आगे के प्रतिबंधित हिस्सों में मीडिया को खुद फोटो या वीडियो बनाने की अनुमति नहीं है। वहां की तस्वीरें और वीडियो पुलिस-प्रशासन के अधिकृत कैमरा पर्सन के जरिए उपलब्ध कराए जाएंगे। हालांकि, एक दिन पहले तक जयस्तंभ से मंदिर के अंदर तक भी मीडिया को फोन ले जाने की मनाही की चर्चा थी। जिसके बाद कलेक्टर और SP के साथ पत्रकारों की बैठक हुई और फिर गरुड़ स्तंभ तक फोन ले जाने की अनुमति दी गई। तहसीलदार परमानंद बंजारे से सीधी बात… सवाल- मोबाइल जमा कराने की व्यवस्था क्यों शुरू की गई है? इससे क्या बदलाव होगा? जवाब- बड़े अधिकारियों के मार्गदर्शन में सुरक्षा और मंदिर में आने वाली भीड़ को देखते हुए यह व्यवस्था शुरू की गई है। अधिकारियों के निर्देश पर मोबाइल जमा करने के लिए काउंटर बनाया गया है। यहां श्रद्धालुओं के मोबाइल निशुल्क जमा किए जा रहे हैं। भक्त मोबाइल जमा कर आराम से दर्शन करने जा रहे हैं। मोबाइल साथ रहने पर कई लोग दर्शन के अलावा सेल्फी और फोटो लेने में भी समय लगाते थे। अब इस व्यवस्था से दर्शन में लगने वाला समय कम करने में मदद मिलेगी। सवाल- मोबाइल काउंटर पर कितने बॉक्स बनाए गए हैं और एक बार में कितने मोबाइल रखे जा सकते हैं? जवाब- अभी हमारे पास 1000 से 2000 मोबाइल रखने की व्यवस्था है। कलेक्टर साहब के निर्देश हैं कि जैसे-जैसे भीड़ बढ़ेगी, मोबाइल रखने की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी। इसके लिए शाम तक व्यवस्था को और बढ़ाने की तैयारी है। सवाल- नवरात्रि के पहले दिन कितने श्रद्धालुओं ने मोबाइल जमा कराए हैं? जवाब- इसकी सटीक संख्या बता पाना फिलहाल मुश्किल है, लेकिन पिछले कुछ घंटों में 500 से ज्यादा श्रद्धालु अपने मोबाइल जमा करा चुके हैं। सवाल- दूसरे-तीसरे दिन और खासकर पंचमी पर भीड़ बढ़ेगी। प्रतिदिन 10 से 12 हजार श्रद्धालु आएं, तो व्यवस्था कैसे संभालेंगे? जवाब- भीड़ को देखते हुए ड्यूटी बढ़ाई जा रही है। अतिरिक्त लोगों की भी ड्यूटी लगाई जा रही है। इसके साथ ही मोबाइल रखने की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी। सवाल- किसी श्रद्धालु को मोबाइल जमा करना है, तो उसे पूरी प्रक्रिया क्या अपनानी होगी? जवाब- श्रद्धालु मोबाइल काउंटर पर आएंगे। वहां एक पर्ची पर उनका नाम, मोबाइल नंबर और मोबाइल से जुड़ी जानकारी दर्ज की जाएगी। इसके बाद उन्हें टोकन दिया जाएगा। मोबाइल जमा होने के बाद श्रद्धालु दर्शन के लिए जा सकते हैं। दर्शन करके लौटने पर टोकन वापस करना होगा। नाम और मोबाइल नंबर का मिलान करने के बाद मोबाइल वापस दे दिया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में करीब एक मिनट लगता है। सवाल- अगर कोई श्रद्धालु अपना टोकन खो देता है, तो उसे मोबाइल कैसे वापस मिलेगा? जवाब- थोड़ी दिक्कत होगी, इसलिए भक्तों से भी कहा गया है कि वे टोकन संभाल कर रखें। अगर किसी श्रद्धालु का टोकन खो जाता है, तो उस स्थिति में आने वाली परेशानी को देखते हुए आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी। जरूरत पड़ने पर पुलिस की मदद से भी इस मामले को देखा जाएगा। फिलहाल व्यवस्था शुरू हुई है, आगे अनुभव के आधार पर जरूरी बदलाव किए जाएंगे।




