विज्ञापन राजस्व बढ़ाने के लिए सख्ती:अवैध विज्ञापन पर नगर निगम की कार्रवाई, 156 संस्थानों पर जुर्माना

नगर निगम ने शहर में बिना अनुमति लगाए गए विज्ञापन और मार्ग सूचक बोर्ड पर कार्रवाई तेज कर दी है। बिना अनुमति और शुल्क जमा किए संस्थान का विज्ञापन या ब्रांडिंग करने वालों को फाइन नोटिस जारी किया जा रहा है। अब तक अलग-अलग जोन में 156 से अधिक संस्थानों को नोटिस दिए गए हैं। निगम विज्ञापन से राजस्व बढ़ाने के लिए आउटडोर एडवरटाइजमेंट पॉलिसी-2024 का सख्ती से पालन करा रहा है। नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर 50 हजार रुपए तक जुर्माना लगाने के साथ अवैध विज्ञापन और बोर्ड हटाने के नोटिस भी लगातार जारी किए जा रहे हैं। 20 वर्गफीट पर ही दुकान पर बोर्ड की अनुमति : नगर निगम के नियम के अनुसार किसी दुकान या संस्थान को अपने भवन पर 20 वर्गफीट तक बोर्ड लगाने की अनुमति है। बोर्ड पर संस्थान का नाम, लोगो और जीएसटी नंबर ही होना चाहिए। दुकानदार अपने बोर्ड या परिसर में किसी दूसरी कंपनी अथवा उत्पाद की ब्रांडिंग करता है, तो निगम से अलग अनुमति और शुल्क जमा करना जरूरी है। बिना अनुमति व्यावसायिक ब्रांडिंग मिलने पर निगम संबंधित संस्थान पर 50 हजार रुपए तक जुर्माना लगा सकता है। निगम को विज्ञापन से अब तक मुख्य रूप से होर्डिंग और यूनीपोल के जरिए राजस्व मिलता रहा है। नई विज्ञापन नीति में दुकानों की कमर्शियल ब्रांडिंग, ऑफर-डिस्काउंट बोर्ड, दिशा-सूचक और अन्य आउटडोर विज्ञापनों को भी अनुमति और शुल्क के दायरे में लाया जा रहा है। पिछले वित्तीय वर्ष में निगम को विज्ञापन शुल्क से 20.05 करोड़ मिले थे। बिना अनुमति मार्ग सूचक, बोर्ड, दीवारों पर पेंट विज्ञापन और पोस्टर से राजस्व का नुकसान हो रहा है। ऐसे हर साल बढ़ रहा विज्ञापन राजस्व
लगातार कर रहे हैं कार्रवाई बिना अनुमति के विज्ञापन और मार्ग सूचक लगाने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। शहर में विज्ञापन पॉलिसी के तहत लगातार सख्ती सभी जोन में क्षेत्र में की जा रही है।
– डॉ. अंजलि शर्मा, राजस्व उपायुक्त नगर निगम



