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बांग्लादेश से आया अतीक हुसैन 20 साल तक बिलासपुर में छिपकर रहा, एसटीएफ ने दबोचा; डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू

बांग्लादेश से 2005 में अवैध तरीके से भारत आया अतीक हुसैन (42) पिछले 20 साल से बिलासपुर में पहचान छिपाकर रह रहा था। इस दौरान उसने भारतीय पहचान के कई दस्तावेज बनवा लिए। पुलिस के अनुसार उसके पास भारतीय पासपोर्ट, पैन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, जाति व निवास प्रमाण पत्र और 9वीं की मार्कशीट मिली है। उसने लिंगियाडीह के वोटर कार्ड से मतदान भी किया।

गुरुवार तड़के करीब 5 बजे एसटीएफ और बिलासपुर पुलिस ने सरकंडा के सूर्या बिहार स्थित उसके किराए के मकान में दबिश देकर उसे पकड़ा। एसएसपी रजनेश सिंह के अनुसार उसे रायपुर के होल्डिंग सेंटर भेजा गया है और बांग्लादेश डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

अतीक 2007 में चेन्नई की कंपनी बीईसीओ लिफ्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के जरिए एनटीपीसी सीपत पहुंचा और लिफ्ट मेंटेनेंस का काम शुरू किया। करीब 19 साल से वह इसी काम से जुड़ा था। करीब 20 दिन पहले संदिग्धों की धरपकड़ के दौरान पुलिस ने अतीक को पकड़ने की कोशिश की थी, लेकिन वह फरार हो गया। इसके बाद टीआई संजय शिंदे और जिला विशेष शाखा की टीम ने सूर्या बिहार से घेरकर उसे पकड़ लिया।

पुलिस अतीक के विदेशी जासूस होने के संदेह की भी जांच कर रही है। बिलासपुर में रहने के दौरान वह किन लोगों के संपर्क में था और किससे बातचीत करता था, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। 20 साल तक शहर में रहने और भारतीय पहचान के दस्तावेज हासिल करने के बावजूद उसकी पहचान नहीं हो पाई। इसे इंटेलीजेंस की बड़ी चूक माना जा रहा है।

बांग्लादेशी होने के संदेह में पुलिस अब तक 1162 लोगों की जांच कर चुकी है। इनमें 23 को हिरासत में लेकर 4 सितंबर को रायपुर होल्डिंग सेंटर भेजा गया था। पुलिस टीम को 18 लोगों के दस्तावेज वैध मिले और उन्हें रिहा कर दिया गया। शेष 5 संदिग्धों के दस्तावेजों की जांच जारी है।

पहले भी तोरवा क्षेत्र में 2023 के अंत से 2024 की शुरुआत के बीच पुलिस और स्पेशल ब्रांच ने सुब्रत शर्मा उर्फ सागर और हृदय कुमार शर्मा को पकड़ा था। दोनों पहचान बदलकर रह रहे थे। दस्तावेज तैयार कराने में मदद करने वालों की पुलिस जांच हो रही है।

अतीक ने 2018 में भारतीय पासपोर्ट बनवाया। इसके बाद पैन कार्ड, आधार कार्ड व लिंगियाडीह से वोटर कार्ड, जाति व निवास प्रमाण पत्र बनवाया। उससे मंगला के एक निजी स्कूल की 9वीं की फर्जी मार्कशीट मिली। पुलिस दस्तावेज तैयार कराने में मदद करने वालों की भी पतासाजी कर रही है।

उसके माता-पिता, चार बहनें व दो भाई ढाका में हैं। उसने मनेंद्रगढ़ की आलिया परवीन से शादी की थी। 2023 में तलाक हो गया। बच्चे नहीं हैं। पुलिस उसकी पूर्व पत्नी से भी पूछताछ करेगी।

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