पति की अस्थियां लेकर लौट रही महिला से ट्रेन में बिछड़े तीन बच्चे, रेलवे टीम ने कराई मां-बच्चों की मुलाकात

पति की अस्थियां लेकर तीन बच्चों के साथ जम्मू-कश्मीर से निकली एक महिला रास्ते में अपने बच्चों से अलग हो गई। ट्रेन से पानी भरने के लिए उतरते ही ट्रेन छूट जाने के कारण तीनों बच्चे ट्रेन में ही रह गए और महिला अकेली रह गईं। परेशान महिला किसी तरह दूसरी ट्रेन से बिलासपुर पहुंचीं। यहां बिलासपुर मंडल के वाणिज्य विभाग की विशेष टीम ने संवेदनशीलता दिखाते हुए बैतूल में मौजूद बच्चों से संपर्क किया और मां को उनके पास पहुंचाने की व्यवस्था की।
मामला गुरुवार का है। छत्तीसगढ़ के थाना बिलाईगढ़ के अंतर्गत आने वाले ग्राम बेलटुकरी की निवासी लक्ष्मी साहू पति संतोष साहू के साथ रोजगार के लिए श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर गई थी। 19 सितंबर को जम्मू-कश्मीर में पति का आकस्मिक निधन हो गया। स्थानीय स्तर पर अंतिम संस्कार कराने के बाद पति की अस्थियां पत्नी को सौंप दी गईं।
पति की अस्थियां लेकर तीन बच्चों के साथ लक्ष्मी साहू बच्चों को लेकर ट्रेन मार्ग से वापस अपने गृह ग्राम के लिए निकलीं। यात्रा के दौरान एक स्टेशन पर वह पानी भरने के लिए ट्रेन से नीचे उतरीं। इसी दौरान ट्रेन रवाना हो गई और उनके तीनों बच्चे ट्रेन में ही रह गए। महिला ट्रेन पकड़ नहीं सकीं।
ट्रेन के बैतूल पहुंचने पर बच्चों को सुरक्षित उतारकर चाइल्ड हेल्पलाइन, बैतूल की देखरेख में रखा गया। दूसरी ओर महिला परेशान हालत में बिलासपुर स्टेशन पहुंचीं। यहां प्लेटफार्म पर मायूस बैठी थीं।
तभी वाणिज्य विभाग की स्पेशल यूनिट के कर्मचारियों की नजर उन पर पड़ी। टीम के सदस्यों ने महिला से बातचीत की। इस पर महिला यात्री ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। उनकी स्थिति को समझते हुए तत्काल बैतूल में संबंधित टीम से संपर्क किया।
बच्चों के सुरक्षित होने की जानकारी मिलने पर महिला को ढांढस बंधाया गया। इसके बाद वाणिज्य विभाग की टीम ने महिला के आगे के सफर के लिए रेल टिकट की व्यवस्था की।
टीम के सदस्यों ने न केवल टिकट की व्यवस्था की बल्कि महिला को सुरक्षित उसलापुर रेलवे स्टेशन लेकर गए। वहां से अमरकंटक एक्सप्रेस में बैठाकर इटारसी के लिए रवाना किया गया। वहां से वह बैतूल पहुंचकर अपने बच्चों से मिल सकेंगी।
रेलवे की इस पहल से न केवल एक परेशान मां को उसके बच्चों तक पहुंचने में मदद मिली, बल्कि यात्री सहायता के साथ मानवीय संवेदनशीलता का भी परिचय मिला। वाणिज्य विभाग की विशेष टीम की तत्परता से महिला को भरोसा मिला कि उसके बच्चे सुरक्षित हैं और वह जल्द उनसे मिल सकेगी।




