21 साल से अधूरी सड़क की गुहार पहुंची दंतेश्वरी मंदिर की दानपेटी तक, सरपंच ने मन्नत मांगते हुए डाली अर्जी


‘दंतेश्वरी माई जी कृपा करो… 21 साल से अधूरी गांव की सड़क का काम पूरा करवा दो…।’ पेन से लिखी दो लाइन की यह अर्जी मंगलवार को दंतेश्वरी मंदिर की दानपेटी से निकली। अर्जी के साथ जर्जर सड़क की फोटो भी रखी गई थी। यह गुहार दंतेवाड़ा शहर से महज 4 किमी दूर डेंगलरास गांव के लोगों की है।
ग्रामीणों ने सरकारी दफ्तरों में आवेदन दिए, अफसरों से गुहार लगाई और सड़क के लिए प्रदर्शन भी किया। फिर भी 21 साल पुरानी समस्या दूर नहीं हुई तो गांव के सरपंच दीपका नाग ने अब बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के दरबार में फरियाद लगाई है। उन्होंने सड़क निर्माण की मन्नत मांगते हुए अर्जी मंदिर की दानपेटी में डाल दी।
मंगलवार को दानपेटी खोली गई तो नकदी, आभूषण और अन्य सामग्री के बीच ये चिट्ठी भी मिली। मंदिर समिति ने इसे पढ़ा। फिर परंपरा के अनुसार अर्जी को नदी में विसर्जित कर दिया। दंतेश्वरी मंदिर की दानपेटी साल में दो से तीन बार खोली जाती है। शारदीय नवरात्रि से सुरक्षा के बीच दानपेटी खोली गई। भक्तों द्वारा चढ़ाई गई नकदी और आभूषणों की गिनती की गई।
दानपेटी से 21 लाख 62 हजार 331 रुपए नकद मिले। इसी दौरान अन्य सामग्री के बीच डेंगलरास की सड़क बनवाने की अर्जी और फोटो भी मिली।
कतियाररास से डेंगलरास को जोड़ने वाली करीब 4 किमी सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत बनाई जानी थी। ग्रामीणों के मुताबिक योजना के फेस-1 में सड़क का काम डब्ल्यूबीएम स्तर तक हुआ, लेकिन इसके बाद पक्की सड़क नहीं बन सकी। समय के साथ डब्ल्यूबीएम भी उखड़ गया। कई हिस्सों में सड़क जर्जर हो चुकी है।
बारिश में कीचड़ के कारण वाहनों की आवाजाही मुश्किल हो जाती है। इसका सबसे ज्यादा असर मरीजों, बुजुर्गों, स्कूली बच्चों और किसानों पर पड़ता है। मरीज को अस्पताल पहुंचाने से लेकर किसानों की उपज गांव से बाहर ले जाने तक में परेशानी होती है।
ग्रामीण करीब एक महीने पहले पीएमजीएसवाई कार्यालय भी पहुंचे थे। उन्होंने अधिकारियों से सड़क का निर्माण पूरा कराने की मांग की, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई।
सरपंच दीपका नाग कहते हैं, गांव वाले लगातार प्रशासन से मांग करते-करते थक चुके हैं। इसलिए अब माता से सड़क बनने की मन्नत मांगी है।
डेंगलरास सड़क का काम जिस स्तर तक स्वीकृत था, उसके अनुसार कराया गया था। अब इस सड़क को फेस-4 में शामिल करने के लिए दोबारा स्वीकृति का प्रस्ताव भेजा जा रहा है। मंजूरी मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया की जाएगी। यह जानकारी वैभव देवांगन, ईं. पीएमजीएसवाई ने दी।




