राजनीति

छत्तीसगढ़ में बहस की राजनीति तेज, एक सप्ताह में चार डिबेट चैलेंज

छत्तीसगढ़ की साय सरकार अपने 2 साल 9 महीने का कार्यकाल पूरा कर चुकी है। राज्य में राजनीतिक पार्टियों ने चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। आरोप-प्रत्यारोप के बीच छत्तीसगढ़ में बहस की राजनीति का दौर शुरू हो गया है।

शुरुआत प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के बीच सार्वजनिक बहस से हुई। इसके बाद भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को कोल माइंस के मुद्दे पर चुनौती दी। वहीं विजय शर्मा ने बघेल को झीरम घाटी मामले पर बहस के लिए ललकारा। अब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के बीच सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था को लेकर डिबेट का नया चैलेंज सामने आया है।

PM आवास पर 80 मिनट आमने-सामने रहे भूपेश-विजय। 15 सितंबर को रायपुर प्रेस क्लब में भूपेश बघेल और विजय शर्मा के बीच बहस हुई। दोनों नेता प्रधानमंत्री आवास योजना के आंकड़ों को लेकर करीब 80 मिनट तक आमने-सामने रहे। बघेल ने सरकार के आंकड़ों और आवास निर्माण की स्थिति पर सवाल उठाए, जबकि विजय शर्मा ने स्वीकृति और पूरे हो चुके आवासों से जुड़े आंकड़े सामने रखे। बहस में योजना के लक्ष्य, स्वीकृति, निर्माण और पिछली सरकार के कार्यकाल को लेकर दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क रखे।

प्रेस क्लब के बाहर बीजेपी-कांग्रेस में झड़प। बहस के बाद भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच प्रेस क्लब के बाहर झड़प भी हुई। पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। जिसमें एक सब-इंस्पेक्टर की शर्ट का बटन और बैच टूट गया।

भूपेश बघेल ने सीएम साय को दिया कोल माइंस पर चैलेंज। PM आवास पर बहस के दो दिन बाद 17 सितंबर को भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को सरगुजा की कोल माइंस के मुद्दे पर खुली बहस की चुनौती दी। बघेल ने प्रेस क्लब में दस्तावेज और तथ्यों के साथ आमने-सामने चर्चा की बात कही। उनका मुद्दा सरगुजा में कोल ब्लॉक की मंजूरी और हसदेव क्षेत्र से जुड़ा था।

झीरम पर विजय शर्मा ने बघेल को फिर चुनौती दी। इसके बाद विजय शर्मा ने भूपेश बघेल को झीरम घाटी मामले पर बहस की चुनौती दी। 19 सितंबर को डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि, बघेल चाहें तो तैयारी के लिए एक महीने का समय ले सकते हैं। इसके बाद दोनों इस मुद्दे पर आमने-सामने चर्चा कर सकते हैं। झीरम मामले में कोर्ट के फैसले के बाद जांच और सबूतों को लेकर कांग्रेस की ओर से उठाए गए सवाल इस चुनौती की पृष्ठभूमि में रहे।

अब बैज बनाम जायसवाल, अस्पताल में बहस का प्रस्ताव। 21 सितंबर को PCC चीफ दीपक बैज ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था पर खुली बहस की चुनौती दी। बैज ने कहा कि, दोनों किसी भी सरकारी अस्पताल में जाकर वहां की जमीनी स्थिति देख सकते हैं और उसी जगह पर चर्चा होनी चाहिए। स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने चुनौती स्वीकार करते हुए अस्पताल का चयन बैज से करने को कहा है। हालांकि, दोनों के बीच बहस की तारीख और अस्पताल अभी तय नहीं हुआ है।

एक डिबेट से बढ़ी राजनीतिक हलचल। इस तरह पिछले एक सप्ताह में छत्तीसगढ़ की राजनीति में चार प्रमुख डिबेट चैलेंज सामने आए हैं। इनमें भूपेश बघेल-विजय शर्मा की PM आवास पर वास्तविक बहस हो चुकी है, जबकि बघेल-साय, शर्मा-बघेल और बैज-जायसवाल के बीच प्रस्तावित बहसों की तारीख या मंच अभी तय होना बाकी है।

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