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Home » 6 Naxals killed in encounter in Odisha’s Kandhamal | ओडिशा के कंधमाल में मुठभेड़, 6 नक्सली मारे गए: चार राज्यों का मोस्टवांटेड एक करोड़ का इनामी नक्सली गणेश उइके ढेर – Raipur News
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6 Naxals killed in encounter in Odisha’s Kandhamal | ओडिशा के कंधमाल में मुठभेड़, 6 नक्सली मारे गए: चार राज्यों का मोस्टवांटेड एक करोड़ का इनामी नक्सली गणेश उइके ढेर – Raipur News

By adminDecember 26, 2025No Comments4 Mins Read
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नक्सलियों का रणनीतिक चाणक्य माना जाने वाला गणेश उइके उर्फ पक्का हनुमंतु उर्फ चमरू उर्फ राजेश तिवारी ओडिशा में कंधमाल जिले के जंगलों में मुठभेड़ के दौरान अपने 5 साथियों के साथ मारा गया है। मई में नक्सल संगठन के महासचिव बसवाराजू और महीनेभर पहले दुर्दां

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पक्का हनुमंतु नक्सल संगठन में सीसी मेंबर (सेंट्रल कमेटी नेता) होने के साथ गणेश उइके पद की जिम्मेदारी भी निभा रहा था। छत्तीसगढ़, ओडिशा के अलावा आंध्रप्रदेश और तेलंगाना में भी वह सुरक्षा बलों की हिट लिस्ट में शामिल था। अलग-अलग सरकारों ने उस पर कुल 1.1 करोड़ रुपए इनाम रखा था।

वह लगातार फोर्स की राडार पर रहा है। खासतौर पर बड़े नक्सल लीडरों के एनकाउंटर या सरेंडर के बाद से उसकी सरगर्मी से तलाश की जा रही थी। इसी दौरान सुरक्षा एजेंसियों को उसके कंधमाल में मौजूदगी की खबर मिली। इस आधार पर ओडिशा पुलिस के एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप), सीआरपीएफ और बीएसएफ ने मिलकर जॉइंट ऑपरेशन लॉन्च किया था।

मिली जानकारी के मुताबिक, जंगलों में फोर्स पर एकाएक चौतरफा फायरिंग शुरू हो गई। जबावी कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने भी गोली-बारी की। मुठभेड़ थमने के बाद आसपास सर्चिंग की गई, जिसमें 6 नक्सलियों के शव बरामद किए गए। इनमें एक नक्सली पक्का हनुमंतु भी था, जिसके लिए ही यह पूरा ऑपरेशन लॉन्च किया गया था।

ऐसे में ऑपरेशन को ओडिशा में फोर्स की इस साल की सबसे बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है। अन्य 5 नक्सलियों की शिनाख्त जारी है। मौके से 2 इंसास और एक .303 राइफल के साथ वॉकी-टॉकी जैसे डिवाइस भी बरामद किए गए हैं।

साल 2017 में 73 नक्सलियों की मौत

दंडकारण्य को नक्सल क्रांति की प्रयोगशाला बनाने वाले गणेश का 4 राज्यों की आदिवासी पट्टी में ढाई दशक तक खौफ रहा। फोर्स से उसे पहली बड़ी चोट 2017 में मिली, जब राज्य सरकार ने 22 जून काे ऑपरेशन प्रहार शुरू किया। फोर्स ने एक साल में ही सुकमा, बीजापुर के जंगलों में 73 नक्सलियों को मार गिराने का दावा किया।

तब गणेश नक्सलियों की दक्षिण सब जोनल कमेटी का सचिव था। उसने पर्चा जारी कर इन मुठभेड़ों में अपने 58 साथियों के मारे जाने की पुष्टि भी की थी। अप्रैल 2021 में सुकमा-बीजापुर बॉर्डर पर 400 से ज्यादा नक्सलियों ने घात लगाकर फोर्स को अपना निशाना बनाया। इसमें 22 जवान शहीद हुए थे। इस हमले में गणेश का ही हाथ माना जाता है।

इस बीच संगठन के भीतर गणेश पर तानाशाही के आरोप भी लगे। 2022 में गढ़चिरौली डिवीजन से नक्सल लीडरों के आत्मसमर्पण या दूरी बनाने के पीछे यही वजह मानी जाती है। इसी साल गढ़चिरौली में हुई एक मुठभेड़ में नक्सलियों की कई सीनियर कैडर मारी गईं। बताते हैं कि ये सभी गणेश के गुट से थीं।

2023 में गणेश ने एक बार फिर अपनी धमक दर्ज कराने की कोशिश की। उसका मानना था कि एकसाथ कई जिलों में पुलिस पर हमले करके ही आंदोलन को फिर खड़ा किया जा सकता है। इसके लिए उसने बीजापुर, नारायणपुर और गढ़चिरौली के दस्तों को फिर एकजुट किया।

हालांकि, यह जानकारी लीक हो गई और फोर्स ने पूरे इलाके में कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाकर करीब 35 नक्सली मार गिराए। इसी घटना के बाद उसे बस्तर से हटाकर गरियाबंद-धमतरी-नुआपाड़ा डिवीजन कमेटी में शिफ्ट कर दिया गया था।

शाह बोले– नक्सल-मुक्त भारत की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि एनकाउंटर के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने एक ट्वीट किया है। इसमें उन्होंने लिखा कि ओडिशा के कंधमाल में चलाए गए एक बड़े अभियान में अब तक 6 नक्सलियों को निष्क्रिय किया गया है। इनमें केंद्रीय समिति के सदस्य गणेश उइके भी शामिल हैं। इस बड़ी सफलता के साथ ओडिशा नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त होने की दहलीज पर खड़ा है। हम 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए संकल्पबद्ध हैं।

इधर, सर्विस राइफल से जवान ने खुद को मारी गोली

नारायणपुर में ड्यूटी पर तैनात एक जवान ने गुरुवार सुबह अपनी ही सर्विस राइफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। जवान कोड़नार कैंप में तैनात था। गोली की आवाज सुनकर जब तक साथी जवान मौके पर पहुंचे, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

मृतक जवान की पहचान कांकेर निवासी पिंगल जूरी के रूप में हुई है, जो जिला बल में आरक्षक के पद पर पदस्थ था। जानकारी के मुताबिक, गोली जवान के सिर के दाहिने हिस्से (कनपटी) में लगी है। घटना कोहकामेटा थाना क्षेत्र के कोड़नार कैंप की है। नारायणपुर में जवानों द्वारा खुदकुशी का यह दूसरा मामला है।



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