5 सूत्रीय मांगों को लेकर हजारों शिक्षकों का प्रदर्शन:बलरामपुर में रैली निकालकर TET की अनिवार्यता खत्म, वेतन विसंगति दूर करने की मांगें रखीं

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शिक्षक संवर्ग की विभिन्न समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर मंगलवार को बलरामपुर में बड़ा आंदोलन हुआ। छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के बैनर तले जिलेभर से हजारों शिक्षक साप्ताहिक बाजार स्थल पर जुटे। यहां से शिक्षकों ने विशाल रैली निकाली और पांच सूत्रीय मांगों को लेकर शासन-प्रशासन के नाम ज्ञापन सौंपा। आंदोलन का असर जिले की शिक्षा व्यवस्था पर भी दिखाई दिया। बड़ी संख्या में शिक्षकों ने ऑनलाइन अवकाश लिया, जिसके चलते कई स्कूलों में ताले लटके रहे और शैक्षणिक कार्य प्रभावित हुआ। जिले के अलग-अलग विकासखंडों से शिक्षक जिला मुख्यालय पहुंचे थे। TET की अनिवार्यता खत्म करने की मांग शिक्षकों ने सेवारत शिक्षक संवर्ग के लिए TET की अनिवार्यता समाप्त करने और सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग रखी। मोर्चा का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने TET के लिए 31 अगस्त 2028 तक का समय दिया है, इसलिए सभी पदोन्नतियों में TET की अनिवार्यता खत्म की जानी चाहिए। इसके अलावा एलबी संवर्ग की पंचायत संवर्ग में प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा की गणना करने और पूर्ण पुरानी पेंशन समेत शिक्षा विभाग में लागू सभी लाभ देने की मांग की गई। वेतन विसंगति दूर करने की मांग शिक्षकों ने लंबित वेतन विसंगतियों को दूर करने के लिए केंद्रीय वेतनमान संरचना के आधार पर वेतन निर्धारण की मांग भी रखी। साथ ही 13 फरवरी 2026 के राजपत्र में स्कूल शिक्षा सेवा भर्ती एवं पदोन्नति नियम में एलबी संवर्ग के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक संशोधन करने की मांग की गई। बीएड शिक्षक संवर्ग के लिए शिक्षा विभाग द्वारा योजना बनाकर ब्रिज कोर्स के माध्यम से प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। शिक्षक संघर्ष मोर्चा के जिला संचालक उपेन्द्र सिंह और पवन सिंह ने कहा कि शिक्षक संवर्ग की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का जल्द समाधान जरूरी है। ज्ञापन मुख्यमंत्री, स्कूल शिक्षा मंत्री, मुख्य सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव, संचालक लोक शिक्षण संचालनालय और जिला कलेक्टर के नाम सौंपा गया।
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