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छत्तीसगढ़ में गर्मी का असर लगातार तेज बना हुआ है। मौसम विभाग ने अगले 5 दिनों तक मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में हीटवेव चलने की संभावना जताई है। वहीं प्रदेशभर में तापमान लगभग इसी स्तर पर बने रहने के आसार हैं। इस बीच बिलासपुर में लू लगने से एक बुजुर्ग की मौत होने की आशंका है। जोंधरा गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग का शव बाजार में जूता दुकान के बाहर मिला। बताया जा रहा है कि वह पिछले दो महीने से गांव में भीख मांगकर गुजर-बसर कर रहा था। पिछले दो दिनों से बीमार था और भीषण गर्मी के बीच बाजार के आसपास ही पड़ा रहता था। इधर, विशेषज्ञों ने सुबह 11 से 12 बजे के बीच घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है। इस दौरान प्रदेश में UV रेज की तीव्रता एक्सट्रीम लेवल पर रहने की संभावना है। यानी सीधे धूप के संपर्क में आने पर त्वचा और आंखों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। मेकाहारा के डर्मेटोलॉजी विभाग के HOD डॉ. मृत्युंजय सिंह ने बताया कि ऐसी स्थिति में कुछ ही मिनटों में सनबर्न, आंखों में जलन, डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं हो सकती हैं। मौसम की डिटेल नीचे बताएंगे, उससे पहले गर्मी के कारण गैजेट्स को होने वाले नुकसान के बारे में जान लीजिए देश के कई हिस्सों में तापमान 45°C पार पहुंच गया है। इस दौरान मोबाइल, लैपटॉप या पावर बैंक जल्दी गर्म होते हैं। इससे बैटरी डैमेज, लो परफॉर्मेंस या अचानक डिवाइस बंद होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। आज ‘जरूरत की खबर’ में जानेंगे कि हाई टेम्परेचर का गैजेट्स पर क्या प्रभाव पड़ता है और इन्हें ओवरहीटिंग से कैसे बचाएं? पढ़ें पूरी खबर… सुबह 10 बजे के बाद तेजी से बढ़ेगा खतरा सुबह 8 बजे UV रेज की तीव्रता 1 रहेगी, जो 9 बजे तक बढ़कर 5 पर आ सकता है। 10 बजे यह सीधे 9 तक पहुंच जाएगा। 11 से 12 बजे के बीच 11 के बीच होगा। इसके बाद दोपहर 1 बजे तक 9 के स्तर तक पहुंचेगा। ऐसे में बहुत जरूरी काम हो तभी 12 के बाद निकलें। क्योंकि 9 का लेवल भी खतरनाक है। 2 बजे के बाद सावधानी के साथ आप निकल सकते हैं। दुर्ग रहा सबसे गर्म, अंबिकापुर में सबसे कम न्यूनतम तापमान प्रदेश में शुक्रवार को सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस दुर्ग में रिकॉर्ड किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 23.9 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज हुआ। पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहा और कहीं भी बारिश रिकॉर्ड नहीं की गई। रायपुर में साफ रहेगा मौसम, 45 डिग्री तक पहुंच सकता है पारा मौसम विभाग के अनुसार आज (23 मई) मौसम साफ रहेगा। राजधानी में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। अगले दो दिन भी राहत नहीं मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक प्रदेश में शुष्क मौसम बने रहने का अनुमान जताया है। साथ ही अलग-अलग इलाकों में हीटवेव चलने की चेतावनी भी जारी की गई है। बिलासपुर में 44° तापमान, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी बिलासपुर में तापमान 44 डिग्री पहुंचने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। लोगों को दोपहर में धूप से बचने, ज्यादा पानी पीने और शरीर हाइड्रेट रखने की सलाह दी गई है। बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं को सबसे ज्यादा सतर्क रहने कहा गया है। इमरजेंसी के लिए हेल्पलाइन नंबर 87706-64365 और 75870-38622 जारी किए गए हैं। रायगढ़ में पंखे-कूलर भी पड़े बेअसर रायगढ़ में भीषण गर्मी का असर लगातार बढ़ रहा है। जिले का तापमान 44 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है, जिससे दिन में तपती धूप और रात में गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। बुधवार शाम हल्की बूंदाबांदी हुई, लेकिन उमस और गर्मी से राहत नहीं मिली। हालत यह है कि पंखे और कूलर भी बेअसर नजर आ रहे हैं। धूप से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई है। ब्रेन और इमोशंस पर हीट का असर गर्मी में टेम्परेचर बढ़ने पर ज्यादातर लोग थकान, चिड़चिड़ापन या कम नींद जैसी समस्याएं महसूस करते हैं। कई बार काम में फोकस कम हो जाता है, बात-बात पर गुस्सा आता है या बिना वजह बेचैनी बढ़ती है। हीट वेव या लगातार हाई टेम्परेचर से स्ट्रेस लेवल, स्लीप प्रॉब्लम्स और मूड स्विंग्स से जुड़े केस बढ़ सकते हैं। ‘इंटरनेशनल जर्नल ऑफ एनवायर्नमेंटल रिसर्च एंड पब्लिक हेल्थ’ में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, गर्मियों में मेंटल हेल्थ डिपार्टमेंट के केस 8% तक बढ़ जाते हैं। डिहाइड्रेशन, खराब स्लीप पैटर्न और डेली रूटीन में बदलाव मिलकर ‘मेंटल बैलेंस’ को प्रभावित करते हैं। इसलिए जानेंगे कि गर्मी ब्रेन को कैसे प्रभावित करती है। किन लोगों को ज्यादा रिस्क होता है? इससे बचने के आसान उपाय क्या हैं? ……………………. मौसम से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… जरूरत की खबर- टेंपरेचर बढ़ने पर बढ़ता गुस्सा, चिड़चिड़ापन:समझें ब्रेन और इमोशंस पर हीट का असर, जानें दिमाग को कैसे शांत रखें गर्मी में टेम्परेचर बढ़ने पर ज्यादातर लोग थकान, चिड़चिड़ापन या कम नींद जैसी समस्याएं महसूस करते हैं। कई बार काम में फोकस कम हो जाता है, बात-बात पर गुस्सा आता है या बिना वजह बेचैनी बढ़ती है। हीट वेव या लगातार हाई टेम्परेचर से स्ट्रेस लेवल, स्लीप प्रॉब्लम्स और मूड स्विंग्स से जुड़े केस बढ़ सकते हैं। पढ़ें पूरी खबर
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