10वीं में परीक्षा देने के बावजूद फेल, 3 साल बाद भी न्याय नहीं; परिवार ने कलेक्ट्रेट में दर्ज कराई शिकायत

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में 10वीं बोर्ड परीक्षा में बड़ी लापरवाही सामने आई है। घुमका ब्लॉक के ग्राम उपरवाह निवासी मिथिलेश साहू की बेटी भारती साहू का आरोप है कि एग्जाम देने के बावजूद उसे फेल कर दिया गया। मानसिक रूप से परेशान छात्रा और उसके परिजन शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे और न्याय की मांग की।
शिकायत के मुताबिक, छात्रा ने साल 2023 में 10वीं बोर्ड परीक्षा में सभी विषयों की परीक्षा दी थी। इंग्लिश के प्रोजेक्ट में भी वह उपस्थित थी। इसके बावजूद रिजल्ट में उसे एक सब्जेक्ट में अब्सेंट दिखाकर फेल कर दिया गया। मामला उपरवाह के घुमका ब्लॉक के सरकारी स्कूल का है।
छात्रा के पिता मिथिलेश साहू ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप है कि स्कूल के परीक्षा प्रभारी और संबंधित टीचरों की लापरवाही के कारण छात्रा की उपस्थिति की गलत जानकारी माध्यमिक शिक्षा मंडल, रायपुर को भेजी गई। टीचरों पर गलत जानकारी भेजने का आरोप लगाया गया है।
शिकायत के अनुसार, पूरा मामला सामने आने पर परिवार वालों ने स्कूल से जानकारी ली। परीक्षा प्रभारी ने गलती सुधारने के बजाय छात्रा और उसके परिजनों को बताया कि सप्लीमेंट्री का फॉर्म भरने के बाद मार्कशीट में सुधार हो जाएगा। इसके बाद छात्रा को दोबारा पूरक परीक्षा दिलाई गई।
दोबारा परीक्षा का रिजल्ट आया तो छात्रा को पास कर दिया गया, लेकिन मार्कशीट में सप्लीमेंट्री दिखाया गया। परिजनों का कहना है कि मूल बोर्ड परीक्षा में उपस्थित होने के बावजूद उसे सप्लीमेंट्री में पास किया गया। परिवार का आरोप है कि 3 साल से छात्रा को रिजल्ट सुधारने का आश्वासन दिया जाता रहा, लेकिन न्याय नहीं मिला।
स्कूल की प्रिंसिपल निखिला वर्मा ने कहा कि परीक्षा में भारती साहू नाम की तीन छात्राएं शामिल हुई थीं, जिसके कारण भ्रम की स्थिति हुई। वहीं, जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने पूरे मामले में कार्रवाई की बात कही है और छात्रा को संशोधित अंकसूची जारी करने के लिए मंडल को पत्र लिखा है।
डोंगरगढ़ विधायक हर्षिता बघेल ने कहा कि शिक्षा मंडल की व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। एक गलती के कारण बच्ची का भविष्य प्रभावित हो रहा है। भारती हमेशा अच्छे अंक लाने वाली छात्रा रही है, लेकिन उसे दबाव में आकर दोबारा परीक्षा देनी पड़ी। इस पूरे मामले के कारण वह मानसिक रूप से काफी परेशान है।
विधायक ने कहा कि यह केवल एक मामला नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ में ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं, जहां बच्चों की गलती नहीं होने के बावजूद उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी से बात की है। अधिकारी ने जांच चलने की बात कही है, लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी भारती को न्याय के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
विधायक ने कहा कि भारती को न्याय मिलना चाहिए। साथ ही छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल में हुई कथित गड़बड़ियों की पुख्ता जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
मामले को लेकर छात्रा के परिजन डोंगरगढ़ विधायक हर्षिता बघेल के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। परिजनों ने मांग की है कि 10वीं बोर्ड परीक्षा में छात्रा की वास्तविक उपस्थिति और परीक्षा से संबंधित सभी रिकॉर्ड की जांच कराई जाए। इसके साथ ही परिजनों ने छात्रा को उसकी प्रथम/मूल परीक्षा के वास्तविक अंकों के आधार पर सुधारयुक्त परिणाम और अंकसूची जारी करने की मांग की है।
जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास सिंह बघेल ने कहा कि इस प्रशासनिक कार्रवाई के बाद अब मामले में जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई और छात्रा के संशोधित परिणाम की प्रक्रिया पर नजर रहेगी। मामला साल 2023 की परीक्षा से जुड़ा होने के कारण संबंधित रिपोर्ट के आधार पर पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।




