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कोंडागांव जिले के फरसगांव विकासखंड अंतर्गत बोरगांव के प्लाट पारा में एक तकनीकी गलती ने एक बुजुर्ग महिला की जिंदगी मुश्किलों में डाल दी है। सरकारी रिकॉर्ड में जीवित महिला को मृत घोषित कर दिया गया। सरकारी रिकॉर्ड में जीवित संध्या मंडल को मृत घोषित कर दिया गया है, जिसके कारण वह पिछले पांच महीनों से खुद को जिंदा साबित करने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही हैं। पेंशन निकालने पहुंचीं तो खुला मामला संध्या मंडल को अपनी इस परेशानी की जानकारी तब हुई, जब वह ग्राहक सेवा केंद्र में पेंशन निकालने पहुंचीं। ई-केवाईसी प्रक्रिया के दौरान उन्हें बताया गया कि उनका आधार कार्ड ब्लॉक हो चुका है। इस जानकारी से परेशान होकर जब उन्होंने जिला आधार केंद्र में संपर्क किया, तब सामने आया कि किसी अन्य मृत व्यक्ति के मृत्यु प्रमाण पत्र में गलती से उनका आधार नंबर दर्ज हो गया था। इसी तकनीकी त्रुटि के कारण सरकारी सिस्टम ने उन्हें मृत मान लिया। एक गलती से रुक गईं सारी योजनाएं सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित होने का असर संध्या मंडल की रोजमर्रा की जिंदगी पर साफ दिखाई दे रहा है। आधार कार्ड ब्लॉक होने के कारण उनका राशन बंद हो गया है। विधवा पेंशन भी रुक गई है और महतारी वंदन योजना का लाभ मिलना भी बंद हो चुका है। इतना ही नहीं, गैस कनेक्शन और प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ी प्रक्रिया भी अधर में लटक गई है। पिछले पांच महीनों से वह अलग-अलग सरकारी कार्यालयों में जाकर खुद को जीवित साबित करने की कोशिश कर रही हैं। प्रशासन ने मांगी रिपोर्ट मामले को लेकर फरसगांव एसडीएम आश्वन कुमार पुसाम ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने संबंधित विभाग से रिपोर्ट तलब की है। एसडीएम के अनुसार, आधार सुधार के लिए उच्च स्तर पर पत्राचार किया जाएगा और जल्द आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ताकि महिला को राहत मिल सके। ग्रामीणों ने तत्काल राहत की मांग की घटना सामने आने के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तकनीकी सुधार होने तक संध्या मंडल को मैनुअल सत्यापन के आधार पर राशन, पेंशन और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ तत्काल शुरू किया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि एक तकनीकी गलती की सजा किसी गरीब महिला को नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मामले में संवेदनशीलता दिखाते हुए जल्द समाधान की मांग की है।
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