Raigarh Rathyatra 2026 | Lord Jagannath Rath Yatra Darshan & Updates

वैदिक मंत्रोच्चार के साथ महाप्रभु जगन्नाथ अपने भाई-बहन के साथ रथ पर विराजमान हुए
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में रियासतकालीन रथयात्रा का अपना अलग महत्व है। यहां दो दिनों तक रथयात्रा मनाने की परंपरा है। जहां गुरूवार को भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ मंदिर के गर्भगृह से बाहर निकले और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ रथ पर विराजम
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रथ विमला माता मंदिर मानक माता मां समलेश्वरी मंदिर के समीप मोतीमहल प्रांगण के पास लाया गया। जहां महाप्रभु के दर्शन के लिए श्रद्धालु दूर-दराज से पहुंचने लगे।
हल्की बारिश के बीच श्रद्धालु यहां पहुंच रहे थे और भगवान जगन्नाथ के दर्शन करते हुए हाथ जोड़कर मनोकामनाएं भी मांग रहे थे। इसमें शहरी ही नहीं बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्र से भी श्रद्धालु शामिल थे।
हर साल की तरह इस बार भी यहां मेला जैसा माहौल था। आसपास कई झूले लगे थे, जिसका छोटे बच्चे आनंद ले रहे थे। रायगढ़ जिला ओड़िसा से लगे होने के कारण रथयात्रा का यहां काफी महत्व है।
वहीं रथयात्रा के दूसरे दिन यानि कल शुक्रवार की शाम को भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा रथ पर विराजमान होकर भव्य शोभायात्रा के साथ गुंडिचा मौसी के घर जाएंगे।

रथयात्रा के दौरान छोटे बच्चों के लिए झूले लगाए गए थे, जिससे यहां मेला जैसा माहौल था
पुलिस की रही व्यवस्था रथयात्रा को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से भी व्यवस्था की गई थी। राजापारा क्षेत्र में पुलिस जवान ड्यूटी पर तैनात थे, तो इस ओर यातायात का दबाव न बढ़ सके, इसके लिए चार पहिया वाहनों को प्रतिबंध कर दिया गया था। इसके अलावा रथयात्रा के दिन भी रास्ते भर पुलिस के जवान ड्यूटी पर तैनात रहेंगें।
कई मोहल्लों से निकाली जाएगी रथयात्रा रायगढ़ में रथ यात्रा की शुरूआत हो चुकी है और अब शहर के अलग-अलग मोहल्लों से भी रथ यात्रा निकाली जाएगी। जहां गुरूवार को कसेर पारा क्षेत्र से रथयात्रा निकाली गई।
इसके अलावा चक्रधर नगर, केवड़ाबाड़ी क्षेत्र, बोइरदादर क्षेत्र, हंडी चौक, बेलादुला समेत कई मोहल्लों में रथयात्रा निकाली जाएगी। यही नहीं ग्रामीण क्षेत्रों में कई दिनों तक रथयात्रा मनाया जाएगा।




