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उत्तर छत्तीसगढ़ में लू के थपेड़ों के बीच अधिकतम तापमान में लगातार बढ़ोत्तरी हुई है। रविवार को भीषण गर्मी ने के बीच अधिकतम तापमान 41.5 डिग्री दर्ज किया गया, जो सीजन का सबसे अधिक तापमान है। सोमवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री पहुंच सकता है। मौसम विभाग ने उत्तरी छत्तीसगढ़ में हीट वेव का अलर्ट जारी किया है। उत्तर छत्तीसगढ़ में लू एवं भीषण गर्मी के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और लोग गर्मी से बचने के लिए चेहरे और शरीर को ढंककर निकलते नजर आए। रविवार को अधिकतम तापमान 1.4 डिग्री बढ़कर 41.5 डिग्री पहुंच गया। शनिवार को अधिकतम तापमान 40.1 डिग्री दर्ज किया गया था। बादल छंटते ही बढ़ा तापमान, हीट वेव का अलर्ट
सरगुजा संभाग में पश्चिमी विक्षोभ के कारण बदल छाए रहने से तीन दिनों तक अधिकतम तापमान 40 डिग्री के आसपास बना हुआ था। पश्चिमी विक्षोभ का असर समाप्त होते ही राजस्थान से आ रही गर्म हवाएं तेजी से प्रवेश कर रही हैं। लू के थपेड़ों एवं तीखी धूप के कारण अधिकतम तापमान बढ़कर 42 डिग्री के आसपास पहुंच गया है। भीषण गर्मी का असर केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी लू के कारण लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं। रविवार शाम को बादलों की हल्की आवाजाही से धूप की तपिश में मामूली कमी जरूर आई, लेकिन गर्म हवाओं का प्रभाव देर रात तक बना रहा। मौसम विभाग ने फिलहाल लू का असर जारी करने का पूर्वानुमान दिया है। हालांकि एक और पश्चिमी विक्षोभ के कारण कुछ राहत भी मिलेगी। मौसम विज्ञानी एएम. भट्ठ ने बताया कि एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत से राजस्थान तक द्रोणिका के रूप में बना हुआ है। उत्तर प्रदेश से छत्तीसगढ़ होते हुए बंगाल और महाराष्ट्र से तेलंगाना तक अलग-अलग द्रोणिकाएं सक्रिय हैं। मध्यप्रदेश और विदर्भ में चक्रवाती परिसंचरण बनने से बंगाल की खाड़ी से नमी आ रही है। इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ सहित मध्य भारत में मंगलवार से कुछ बदलाव हो सकता है। हालांकि इसके बाद भी अधिकतम तापमान 41 डिग्री या इससे अधिक बना रह सकता है। भीषण गर्मी को देखते हुए चिकित्सकों ने लोगों को धूप एवं गर्मी से बचने की सलाह दी है। दिन में यथा संभव घरों में रहने एवं सिर ढंककर ही बाहर निकलने तथा अधिक मात्रा में पानी पीने की सलाह CMHO डा. पीएस मार्को ने दी है ।
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