रघुनाथपुर | राजधानी रायपुर के जेएन पाण्डे स्कूल सभागार में राष्ट्रीय नवाचारी शिक्षा रत्न सम्मान सह राष्ट्रीय शैक्षिक संप्रवाह कार्यक्रम 2025-26 का आयोजन किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ सहित देशभर के 160 नवाचारी शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय नवाचारी शिक्षा समूह द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में चयनित शिक्षकों को विभिन्न चरणों की प्रक्रिया के बाद प्रशस्ति पत्र व मोमेंटो प्रदान किए गए। यह समूह शासकीय विद्यालयों में पदस्थ शिक्षकों का स्वप्रेरित मंच है, जो पिछले पांच वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कार्यरत है। कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, अंडमान-निकोबार, पंजाब, दिल्ली और राजस्थान के शिक्षकों ने अपने-अपने नवाचारों की लाइव प्रस्तुति दी। इस वर्ष सरगुजा जिले से छह शिक्षकों को नवाचारी शिक्षा रत्न सम्मान मिला, जिनमें लुण्ड्रा विकासखंड की कन्या प्राथमिक शाला बटवाही में पदस्थ शिक्षिका रिंकी पैकरा भी शामिल रहीं। उन्हें विद्यालय में नवाचारी गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ाने और अभिभावकों को जागरूक करने के लिए सम्मानित किया गया।
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