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रायपुर में गर्मी के बीच पेयजल संकट को देखते हुए नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। महापौर मीनल चौबे और आयुक्त विश्वदीप ने समीक्षा बैठक में साफ कर दिया है कि अब बिना मंजूरी के दिए गए बल्क कनेक्शन और पानी की बर्बादी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में सामने आया कि पानी की उपलब्धता का सही आकलन किए बिना बड़ी संख्या में बल्क कनेक्शन दे दिए गए, जिसका खामियाजा अब आम लोगों को उठाना पड़ रहा है। कई इलाकों में पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा। महापौर मीनल चौबे ने निर्देश दिए कि अब कोई भी नया बल्क कनेक्शन एमआईसी की अनुमति के बिना जारी नहीं होगा। साथ ही गर्मी के मौसम में पेयजल के दुरुपयोग पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अवैध कनेक्शन पर कार्रवाई, सभी को पानी देना जिम्मेदारी महापौर ने साफ कहा कि जितने भी वैध नल कनेक्शन हैं, उनमें नियमित और पर्याप्त पानी पहुंचाना निगम की जिम्मेदारी है। इसके साथ ही सभी अवैध कनेक्शनों की पहचान कर कार्रवाई करने और उन्हें टैक्स दायरे में लाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि राजस्व भी बढ़ सके। पंप जब्त होंगे गर्मी के दौरान पानी खींचने के लिए अवैध रूप से पंप का उपयोग करने वालों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी है। ऐसे पंपों को जब्त करने और अवैध निर्माणों पर नोटिस जारी कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अंतिम छोर तक पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। GPS के बिना नहीं चलेंगे टैंकर आयुक्त विश्वदीप ने टैंकर सप्लाई में पारदर्शिता लाने के लिए सख्त निर्णय लिया है। अब बिना जीपीएस सिस्टम के कोई भी टैंकर पानी की सप्लाई नहीं करेगा। यदि पानी की अवैध बिक्री की शिकायत मिलती है, तो संबंधित अधिकारी को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया जाएगा। आयुक्त ने सभी पानी टंकियों को प्रतिदिन पूर्ण रूप से भरने और उनकी नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मई माह में बढ़ने वाली शिकायतों को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को सतर्क रहने और जल आपूर्ति व सफाई से जुड़ी हर शिकायत का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने को कहा गया है। नगर निगम ने स्पष्ट कर दिया है कि जल संकट को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर जोन में अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
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