रायपुर के ब्लू वॉटर तालाब में शुक्रवार को डूबे 2 नाबालिगों छात्रों का शव बरामद कर लिया गया है। उसकी पहचान जयेश साहू और मृदुल के रूप में हुई है। इस तालाब में डूबने से अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है।
Publish Date: Sun, 02 Nov 2025 09:17:11 AM (IST)
Updated Date: Sun, 02 Nov 2025 09:25:25 AM (IST)

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर: राजधानी के माना थाना क्षेत्र स्थित ब्लू वॉटर तालाब में डूबे दो नाबालिग छात्रों में से एक का शव बरामद कर लिया गया है। मृतक की पहचान जयेश साहू (15) के रूप में हुई है, जो छत्तीसगढ़ पब्लिक स्कूल में कक्षा 10वीं का छात्र था।
एसडीआरएफ की टीम ने रविवार सुबह कड़ी मशक्कत के बाद दूसरे किशोर का शव भी बरामद कर लिया है। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को जयेश और मृदुल अपने दोस्तों के साथ ब्लू वॉटर घूमने पहुंचे थे। नहाने के दौरान दोनों गहरे पानी में चले गए और डूब गए। सूचना मिलने पर एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और देर रात तक रेस्क्यू अभियान चलाया, लेकिन अंधेरा बढ़ने के कारण अभियान रोकना पड़ा।
शनिवार सुबह दोबारा रेस्क्यू शुरू किया गया, जिसमें टीम ने जयेश साहू का शव बरामद किया। जबकि मृदुल वनजारी की तलाश अभी भी जारी है। पुलिस और एसडीआरएफ की टीम अंधेरा होने तक तलाशी अभियान जारी रखा।
ब्लू वॉटर खदान में अब तक हुए हादसे
- 2017 में देवेंद्र नगर की 17 साल की सुनैना की डूबने से मौत हो गई।
- मई 2019 को दोस्तों के साथ गए 17 साल के मोहन बाघ की डूबने से मौत।
- मार्च 2023 को पिकनिक मनाने गए दो दोस्तों की डूबने से मौत हो गई।
- जून 2023 को दोस्तों के साथ नहाने गए तीन युवक नदीम, फैजल और शहबाज की मौत हो गई।
हादसे के बाद भी नहीं जाग रहा प्रशासन
खदान में हर साल बारिश के बाद हादसे होते हैं। बारिश पानी भर जाता है। हर साल बच्चे वहां घूमने जाते हैं। हर साल हादसा होता है। इसके बाद भी प्रशासन नहीं जागा। यहां किसी तरह के चेतवानी का बोर्ड नहीं लगा है। न ही बाउंड्री की गई है।
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अच्छा क्रिकेटर था मृदुल
पुलिस ने बताया कि मृदुल की मां ममता वजरिया छात्रावास अधीक्षक हैं। उनकी पोस्टिंग अभी बस्तर लोहांडीगुड़ा में है। उनके पिता राजिम में रहते हैं। स्कॉलरशिप में मृदुल का चयन हुआ है। वह टाटीबंध में ही हॉस्टल में रहता था। वह अच्छा क्रिकेटर था।
उसका स्कूल स्तरीय टीम में भी चयन हुआ था। वह आगे चलकर रणजी और भारतीय टीम के लिए खेलना चाहता था। घटना के बाद से माता-पिता सदमे में हैं। वहीं जयेश के पिता प्राइवेट नौकरी करते हैं। जयेश भी पढ़ाई में अच्छा था।
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