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रायपुर पुलिस ने अप्रैल माह में चलाए गए “ऑपरेशन तलाश” अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। परिजनों की शिकायतों के आधार पर शुरू किए गए इस अभियान में पश्चिम क्षेत्र के 9 थानों की समन्वित कार्रवाई से कुल 226 गुमशुदा लोगों को खोजा गया, जिनमें 213 वयस्क और 13 नाबालिग बच्चे शामिल हैं। पुलिस ने विशेष रूप से नाबालिगों की सुरक्षित बरामदगी को प्राथमिकता देते हुए संवेदनशील और त्वरित कार्रवाई की। पश्चिम जोन के अफसरों ने चलाया अभियान यह अभियान पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) संदीप पटेल, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राहुल देव शर्मा और सहायक पुलिस आयुक्तों के निर्देशन में संचालित हुआ। आजाद चौक, सरस्वती नगर, कबीर नगर, पुरानी बस्ती, डीडी नगर, आमानाका, न्यू राजेंद्र नगर, टिकरापारा और मुजगहन थाना क्षेत्रों में लगातार टीमों का गठन कर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। तकनीकी संसाधनों, मुखबिर तंत्र और फील्ड इंटेलिजेंस के माध्यम से गुमशुदा लोगों तक पहुंच बनाई गई। डीडी नगर पुलिस सबसे अच्छा किया प्रदर्शन थाना-वार प्रदर्शन में डीडी नगर पुलिस सबसे आगे रही, जहां 80 वयस्क और 2 नाबालिग सहित कुल 82 लोगों को खोज निकाला गया। टिकरापारा थाना ने भी बेहतर काम करते हुए 53 लोगों की दस्तयाबी की, जिनमें 2 नाबालिग शामिल हैं। पुरानी बस्ती थाना में 27 लोगों को तलाशा गया, जिनमें 3 नाबालिग बच्चे शामिल हैं। वहीं कबीर नगर में 10, आमानाका में 18, न्यू राजेंद्र नगर में 17, मुजगहन में 11, आजाद चौक में 6 और सरस्वती नगर में 2 लोगों को सुरक्षित बरामद किया गया। सभी मामलों में गुमशुदा व्यक्तियों को उनके परिजनों से मिलाया गया, जिससे उनके परिवारों में खुशी का माहौल रहा। ऑपरेशन तलाश का उद्देश्य गुमशुदा लोगों को मिलाना अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राहुल देव शर्मा ने बताया कि ऑपरेशन तलाश का उद्देश्य गुमशुदा लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित ढूंढकर परिवारों से मिलाना है। अभियान की सफलता पर वरिष्ठ अधिकारियों ने संतोष जताते हुए कहा कि आगे भी इस तरह के विशेष अभियान चलाए जाएंगे, ताकि गुमशुदगी के मामलों में तेजी से कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
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