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‘सही दवा, शुद्ध आहार, यही छत्तीसगढ़ का आधार’ थीम पर चल रहे सघन जांच अभियान के तहत खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने शहर में बेकरी उत्पादों की गुणवत्ता की जांच तेज कर दी है। अभियान का उद्देश्य नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। खासकर गर्मी के मौसम में जब फूड प्वाइजनिंग और मिलावट का खतरा बढ़ जाता है। अभियान के छठवें दिन टीम ने रायपुर में 11 केक और बेकरी फर्मों का निरीक्षण किया। इस दौरान 5 खाद्य नमूने लेकर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे गए हैं। जांच के दौरान दो फर्मों में खामियां पाई गई, जिन्हें सुधार सूचना पत्र जारी किया गया है। एक जगह एक्सपायर्ड बर्गर बर्न और व्हाइट ब्रेड मिलने पर उन्हें मौके पर ही नष्ट कराया गया। जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि एक्सपायरी डेट के बाद खाद्य पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। ऐसे उत्पादों में बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं, जिससे फूड प्वाइजनिंग, उल्टी-दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए उपभोक्ताओं को पैक्ड फूड खरीदते समय निर्माण तिथि और एक्सपायरी जरूर जांचनी चाहिए। आम लोगों से अपील विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि वे संदिग्ध या खराब खाद्य पदार्थों की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें। जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित फर्मों पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। अभियान के जरिए न सिर्फ मिलावट पर रोक लगाई जा रही है, बल्कि लोगों में जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
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