भास्कर न्यूज | बालोद आर्ट ऑफ लिविंग के तत्वावधान में भुवनेश्वर में तीन दिवसीय राष्ट्रीय युवा सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस वर्ष सम्मेलन की थीम शेयर टू साइन रही, जिसमें देशभर से चयनित युवा समन्वयकों एवं स्वयंसेवकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में नेतृत्व क्षमता, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण की भावना विकसित करना रहा। सम्मेलन के दौरान प्रतिभागियों को प्रख्यात शिक्षाविद एवं समाजसेवी अच्युत सामंत के विचारों से प्रेरणा लेने का अवसर मिला। इस दौरान छत्तीसगढ़ के युवाओं ने उन्हें छत्तीसगढ़ का राजकीय गमछा, छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीर एवं धान भेंट कर सम्मानित किया। सम्मेलन में छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया की गूंज भी सुनाई दी। तीन दिवसीय आयोजन में इंटरैक्टिव सत्र, नेतृत्व एवं सामाजिक प्रभाव पर कार्यशाला, समन्वयकों द्वारा अनुभव साझा, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं नेटवर्किंग गतिविधियां आयोजित की गईं। साथ ही आगामी समय में राज्यों और जिलों में होने वाले कार्यक्रमों के लिए विशेष प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया तथा भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा हुई। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सोमाली गुप्ता एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी किशोर कुमार टंडन ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दिया। जिले के 9 युवाओं ने प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया आर्ट ऑफ गिविंग से जुड़े राष्ट्रीय अध्यक्ष पुनीत प्रधान ने सभी प्रतिभागियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को सकारात्मक दिशा देते हैं और सेवा भावना को मजबूत करते हैं। इस सम्मेलन में जिले के 9 युवाओं ने भाग लेकर जिले और प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। इनमें शहीद दुर्वासा निषाद महाविद्यालय अर्जुन्दा के राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के स्वयंसेवक शबाना बेगम, यशवंत कुमार टंडन, नेहा साहू, फनेश्वरी साहू, पूजा कुंभकार, अजय कुमार साहू, सूरज नागवंशी, देवेन्द्र कुमार ठाकुर एवं चेतन सिन्हा शामिल रहे। कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर एवं छत्तीसगढ़ के समन्वयक जीवन सिंह का विशेष योगदान रहा।
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