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कोंडागांव जिले के मयूर डोंगर में माता की पारंपरिक जत्रा का आयोजन किया गया। इस वार्षिक उत्सव में दूर-दराज के गांवों से हजारों श्रद्धालु पहुंचे, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्ति का माहौल रहा। माता के जयकारों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज से डोंगर गूंज उठा। इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मंत्री कश्यप ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन हमारी संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखते हैं, और यह समाज को एकजुट करने वाला उत्सव है। कई क्षेत्र से आई माता की डोलियां जत्रा में क्षेत्र के कई गांवों से माता की डोलियां श्रद्धापूर्वक लाई गईं। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने इसमें भाग लिया। भक्तों ने माता के दरबार में माथा टेककर अपनी मनोकामनाएं मांगीं। आयोजन स्थल पर भक्ति और उत्साह का संगम देखने को मिला। आयोजन नई पीढ़ियों को संस्कृति से जोड़ता है ग्रामीणों के अनुसार, मयूर डोंगर की यह जत्रा वर्षों पुरानी परंपरा है। यह आज भी उतनी ही श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाई जाती है। यह आयोजन नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करता है।
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