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बिलासपुर में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के निर्देश पर पुलिस विभाग ने महिला सुरक्षा से जुड़े लंबित मामलों के त्वरित निराकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। बिलासपुर रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग ने अधिकारियों को महिला संबंधी अपराधों के मामलों को 60 दिनों के भीतर निपटाने के निर्देश दिए हैं। यह निर्देश बिलासपुर रेंज स्तरीय समीक्षा बैठक में दिए गए, जो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई। बैठक में बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, जांजगीर-चांपा, मुंगेली, सक्ती और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही समेत कई जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हुए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक आयोजित बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रेंज स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इसमें बिलासपुर के एसएसपी रजनेश सिंह, रायगढ़ के शशि मोहन सिंह, मुंगेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल, कोरबा के पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही के पुलिस अधीक्षक मनोज खिलारी, सक्ती के पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर, जांजगीर-चांपा की पुलिस अधीक्षक निवेदिता पॉल, सारंगढ़ की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निमीषा पाण्डेय और उप पुलिस अधीक्षक मंजूलता केरकेट्टा सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए। हाईकोर्ट के आदेश के बाद सख्ती छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने प्रकरण क्रमांक Cr.M.P.No.-3112/2024 में पुलिस विभाग को महिला सुरक्षा और लंबित मामलों के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए थे। इसी के पालन में आईजी रामगोपाल गर्ग ने एक साल से अधिक पुराने मामलों को विशेष अभियान चलाकर खत्म करने के निर्देश दिए। महिला अपराधों के लिए तय हुआ टाइमलाइन आईजी ने अधिकारियों से कहा कि ITSSO (Investigation Tracking System for Sexual Offence) के तहत दर्ज महिला संबंधी अपराधों का निराकरण 60 दिनों के भीतर किया जाए। साथ ही पुराने लंबित मामलों को एक महीने के भीतर शून्य करने का लक्ष्य तय किया गया है। गंभीर अपराधों की होगी प्रकरणवार समीक्षा बैठक में लूट, डकैती, धोखाधड़ी, अपहरण और दुष्कर्म जैसे गंभीर मामलों की भी समीक्षा की गई। आईजी ने निर्देश दिए कि राजपत्रित अधिकारी स्वयं इन मामलों की प्रकरणवार समीक्षा करें और जल्द से जल्द न्यायालय में चालान पेश करें। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर जोर आईजी रामगोपाल गर्ग ने फरार आरोपियों की सूची की समीक्षा कर उनकी जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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