महानदी जल विवाद सुलझाने के लिए ओडिसा राज्य सरकार ने एक हाई लेवल कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी छत्तीसगढ़ और ओडिसा के बीच चल रहे इस विवाद को जल्द से जल्द सुलझाने प्रयास करेगी। कमेटी में 8 सदस्य शामिल हैं। इसकी पहली बैठक 22 दिसंबर को होगी।
Publish Date: Mon, 15 Dec 2025 05:35:43 AM (IST)
Updated Date: Mon, 15 Dec 2025 05:37:22 AM (IST)

HighLights
- महानदी जल विवाद को सुलझाने के लिए कमेटी का गठन
- ओडिसा के उप मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 22 दिसंबर को बैठक
- इस कमेटी में भाजपा, बीजद और कांग्रेस के प्रतिनिधि शामिल हैं
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया,रायपुर: महानदी जल विवाद को सुलझाने के लिए ओडिशा सरकार ने उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी की पहली बैठक 22 दिसंबर को शाम चार बजे लोक सेवा भवन में होगी। ओडिशा के उप मुख्यमंत्री कनकबर्धन सिंह देव इसकी अध्यक्षता करेंगे, जबकि कमेटी के अन्य सदस्य और अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
हालांकि यह मामला अब भी ट्रिब्यूनल में विचाराधीन है, ओडिशा और छत्तीसगढ़ सरकार अलग-अलग मोर्चों पर बातचीत कर रही हैं। मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी के निर्देश पर बनी इस कमेटी में भाजपा, बीजद और कांग्रेस के प्रतिनिधि शामिल हैं। इसके अलावा महानदी से जुड़े जिलों के विधायक भी सदस्य हैं। कमेटी का उद्देश्य विवाद के तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं का विश्लेषण कर समाधान की दिशा में मार्गदर्शन देना है।
ट्रिब्यूनल जाने का निर्णय गलत- विधायक जयनारायण मिश्रा
कमेटी गठन के बाद ओड़िशा के विधायक जयनारायण मिश्रा ने जानकारी दी कि पिछली सरकार का ट्रिब्यूनल जाने का निर्णय गलत था और इसके लिए राजनीतिक समाधान आवश्यक था। उन्होंने कहा कि ट्रिब्यूनल जाने से प्रक्रिया में देरी हुई। उनका मानना है कि जैसे छत्तीसगढ़ ने महानदी पर बैराज बनाया, वैसे ही ओडिशा को भी हीराकुद डैम के नीचे और बैराज बनाने चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि राजनीतिक समाधान और कमेटी के प्रयास से विवाद समाप्त होगा।
कमेटी विवाद का त्वरित समाधान निकालने में मदद करेगी
कमेटी की सदस्य सोफिया फिरदौस का कहना है कि नौ साल बाद ऐसी कमेटी बनना महत्वपूर्ण है। न्यायिक प्रक्रिया में अक्सर देरी होती है, इसलिए यह कमेटी विवाद का त्वरित और प्रभावी समाधान निकालने में मदद करेगी। कमेटी की पहली बैठक को लेकर ओडिशा में राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर व्यापक चर्चा चल रही है, और इसे विवाद सुलझाने का ऐतिहासिक अवसर माना जा रहा है। कहा जा रहा है कि यह कमेटी महानदी के पानी से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी और राज्य में तकनीकी तथा प्रशासनिक स्तर पर किए जा रहे प्रयासों को आवश्यक मार्गदर्शन देगी।
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