बस्तर के छोटे बोदेल गांव में ईसाई धर्म छोड़कर परिवार लौटा मूल भतरा समाज में, पारंपरिक विधि-विधान से हुआ शुद्धिकरण


छत्तीसगढ़ में बस्तर के बड़े बोदेल पंचायत के छोटे बोदेल गांव में मंगलवार को एक परिवार के ईसाई धर्म छोड़कर अपने मूल भतरा समाज में लौटने का मामला सामने आया। ग्रामीणों ने घर वापसी कार्यक्रम आयोजित कर परिवार का स्वागत किया। गांव में पारंपरिक विधि-विधान से शुद्धिकरण और पानी का छिड़काव किया गया।
ग्रामीणों की ओर से मिली जानकारी के अनुसार छोटे बोदेल निवासी श्रीधर बघेल के परिवार ने करीब 10 साल तक ईसाई धर्म को माना। परिवार के सदस्यों ने अब स्वेच्छा से अपने मूल धर्म भतरा समाज में वापस आने की बात कही है।
परिवार की ओर से बिना दबाव के घर वापसी का दावा किया गया। परिवार ने कहा कि उन्हें ईसाई धर्म की विचारधारा सही नहीं लगी, इसी कारण उन्होंने बिना किसी दबाव या प्रलोभन के अपने मूल धर्म में वापसी का निर्णय लिया।
घर वापसी कार्यक्रम में परिवार के सदस्यों ने पुरानी परंपरा, संस्कृति और देवी-देवताओं की पूजा में विश्वास रखते हुए आगे जीवन बिताने की बात कही।
यह घर वापसी कार्यक्रम ग्रामीणों की मौजूदगी में हुआ। इसमें गांव के माटी पुजारी फगराम गोयल, कोटवार हरिसिंह नाना, पटेल ईश्वर गोयल, नाईक रामकुरसो गोयल, पाईक सहदेव बघेल समेत ग्रामीण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक विधि-विधान के साथ शुद्धिकरण की प्रक्रिया पूरी की गई। ग्रामीणों ने परिवार का स्वागत किया और उन्हें दोबारा समाज में शामिल किया।
ग्रामीणों ने कहा कि परिवार के इस फैसले का सम्मान करते हुए उन्हें सामाजिक रूप से स्वीकार किया गया है।
इस घर वापसी की सूचना ग्राम पंचायत बड़े बोदेल, तहसीलदार नानगुर और थाना प्रभारी नानगुर को भी दिए जाने की बात सामने आई है।




