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एमसीबी जिले के जनकपुर क्षेत्र के ग्राम चिडोला निवासी प्रेमबाई गोंड को अब दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सोशल मीडिया पर उनकी परेशानी सामने आने के बाद जिला मेडिकल बोर्ड उनके घर पहुंचकर स्वास्थ्य परीक्षण करेगा और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करेगा। प्रेमबाई पर 20 जून 2025 को भालू ने हमला किया था, जिसमें उनके सिर में गंभीर चोट आई थी और उनकी एक आंख पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। इस घटना के बाद वन विभाग की ओर से उन्हें सहायता राशि और बीमा का लाभ मिलना था, जिसके लिए दिव्यांगता प्रमाण पत्र अनिवार्य बताया गया था। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने पर जागा प्रशासन प्रेमबाई गोंड बीते कई महीनों में छह बार मनेंद्रगढ़ मेडिकल बोर्ड के कार्यालय जा चुकी थीं, लेकिन उनका दिव्यांग प्रमाण पत्र नहीं बन पाया था। उनकी इस परेशानी को लेकर एक व्यक्ति ने उनका वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया था। 1 साल बाद भी गांव ठीक नहीं हुआ है वीडियो में बताया गया था कि घटना को लगभग एक वर्ष होने जा रहा है, लेकिन महिला का घाव अब तक पूरी तरह ठीक नहीं हुआ है और वह लगातार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। जिला मेडिकल बोर्ड की टीम अब पहुंचेगी पीड़िता के घर मामले का संज्ञान लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने निर्णय लिया कि पीड़ित महिला को अब अस्पतालों और दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इसके बजाय, जिला मेडिकल बोर्ड स्वयं उनके घर जाकर स्वास्थ्य परीक्षण करेगा और प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया पूरी करेगा। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जरूरतमंद, असहाय और विशेष परिस्थितियों में रहे लोगों तक सेवाएं पहुंचाना शासन की प्राथमिकता है। प्रशासन का उद्देश्य केवल योजनाएं संचालित करना नहीं, बल्कि हर जरूरतमंद व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना है।
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