![]()
बलौदाबाजार में वनमण्डलाधिकारी धम्मशील गणवीर की अध्यक्षता में एक अंतर-विभागीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। यह बैठक वनमण्डल कार्यालय में प्राकृतिक संसाधनों की इंटीग्रेटेड लैंडस्केप लेवल प्लानिंग के लिए बुलाई गई थी। इसमें अलग-अलग विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और सीएसआर संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जहां क्षेत्रीय विकास, आजीविका संवर्धन औक संसाधनों के समन्वित उपयोग पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बैठक के दौरान कृषि, उद्यानिकी और अन्य संबंधित विभागों ने अपने कार्यों का प्रस्तुतिकरण दिया। मानव-वन्यजीव द्वंद्व को कम करने के लिए हल्दी, सरसों और मधुमक्खी पालन जैसी संभावनाओं पर चर्चा की गई। पारंपरिक पौधों के संरक्षण पर कार्ययोजना कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) ने पारंपरिक पौधों की पहचान और संरक्षण से संबंधित अपनी पहल प्रस्तुत की, जिस पर आगे कार्ययोजना बनाकर क्रियान्वयन पर सहमति बनी। वनांचल क्षेत्रों में आजीविका बढ़ाने के लिए मधुमक्खी पालन, लाख उत्पादन और अन्य गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। प्रशिक्षण और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर समुदाय को प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जोड़ने और किसान हितैषी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर भी विशेष चर्चा हुई। विभागों के बीच डेटा एकीकरण और जिला स्तर पर अभिसरण सेल के गठन के माध्यम से समन्वित कार्यप्रणाली विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। जल संरक्षण, हरित विकास और पर्यटन संभावनाओं पर चर्चा इसके अतिरिक्त, बंद खदान क्षेत्रों के उपयोग, जल संरक्षण, ग्रीन बेल्ट विकास और वृक्षारोपण कार्यों में अलग-अलग संस्थाओं के सहयोग को मजबूत करने पर विचार-विमर्श हुआ। इन क्षेत्रों को भविष्य में पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।
<
