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राज्य शासन के निर्देशानुसार बलरामपुर जिले में इस वर्ष भी आमजनों को सुगम, पारदर्शी और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए ‘सुशासन तिहार 2026’ का आयोजन किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य जन शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करना है। संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर राजेन्द्र कटारा ने बताया कि सुशासन तिहार के तहत 1 मई 2026 से जिले में जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन होगा। इन शिविरों का लक्ष्य नागरिकों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करना है, ताकि उन्हें शासन-प्रशासन की सेवाओं का लाभ समय पर मिल सके। कलेक्टर कटारा ने संबंधित अधिकारियों को शिविरों के आयोजन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय से पहले पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से पुराने लंबित प्रकरणों और राजस्व से संबंधित लंबित आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निपटाने को कहा। उन्होंने पेंशन, राशन, आय, जाति प्रमाण पत्र और सामाजिक सहायता पेंशन से संबंधित प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जनसमस्या निवारण शिविरों में प्राप्त आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, शिविरों के माध्यम से विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जाए, ताकि कोई भी पात्र हितग्राही जनकल्याणकारी योजनाओं और सुविधाओं से वंचित न रहे। कलेक्टर ने कहा कि सभी आवेदनों का निराकरण कर आवेदक को अनिवार्य रूप से जानकारी दी जाए। कलेक्टर कटारा ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि शिविरों के आयोजन के संबंध में ग्राम स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें। इससे अधिक से अधिक लोग शिविरों में पहुंचकर अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकेंगे। जनसमस्या निवारण शिविरों के सफल संचालन के लिए कलेक्टर कटारा ने जिला पंचायत सीईओ नयनतारा सिंह तोमर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। विकासखंड स्तर पर संबंधित अनुविभागीय अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है, जिनके मार्गदर्शन में जनपद पंचायत सीईओ के नेतृत्व में शिविरों का आयोजन किया जाएगा।
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