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कोंडागांव जिले की फरसगांव पुलिस ने अंतर्राज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह बीमा और शेयर बाजार में फंसी रकम वापस दिलाने के नाम पर लोगों से करोड़ों की ठगी करता था। आरोपियों को दिल्ली, गाजियाबाद और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाकों से पकड़ा गया है। मामला फरसगांव थाना क्षेत्र के कोपरा बाजारपारा निवासी शंकरलाल राणा से जुड़ा है। आरोपियों ने खुद को बीमा लोकपाल परिषद का अधिकारी बताकर राणा से संपर्क किया। बीएसई में फंसी रकम दिलाने का झांसा उन्होंने दावा किया कि बीएसई स्टॉक एक्सचेंज में राणा के 71 लाख 72 हजार 499 रुपए फंसे हुए हैं, जिन्हें प्रक्रिया पूरी कर वापस दिलाया जा सकता है। इसके लिए गिरोह ने शिव शंकर पांडे, एम.के. बजाज, साक्षी शर्मा, बृजमोहन पांडे और दीपक सिंह जैसे फर्जी नामों का इस्तेमाल किया। ढाई महीने में 29 लाख की ठगी आरोपियों ने प्रोसेसिंग फीस, टैक्स और दस्तावेजी प्रक्रिया के नाम पर करीब ढाई महीने तक अलग-अलग किश्तों में 29 लाख 69 हजार 673 रुपए विभिन्न बैंक खातों में जमा करवाए। जब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ तो उसने फरसगांव थाने में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। गरीब लोगों के नाम पर खुलवाते थे खाते जांच में सामने आया कि गिरोह दिल्ली के स्लम इलाकों में आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था। एजेंट पहले आधार कार्ड का पता और मोबाइल नंबर बदलवाते थे। इसके बाद बैंक खाते से जुड़े एटीएम कार्ड, चेकबुक और सिम कार्ड अपने कब्जे में ले लेते थे। कीपैड मोबाइल और फर्जी पहचान का इस्तेमाल मुख्य आरोपी फर्जी कॉल कर लोगों को बीमा या निवेश की रकम लौटाने का झांसा देते थे और पैसे इन खातों में जमा करवाते थे। रकम जमा होते ही गिरोह के सदस्य अलग-अलग एटीएम से तुरंत नकदी निकाल लेते थे। पुलिस से बचने के लिए आरोपी कीपैड मोबाइल और फर्जी पहचान का इस्तेमाल करते थे। 7 आरोपी गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपियों में इसरार अहमद, आकिल, शिवम गुप्ता, नितिन कुमार त्यागी, रजा हुसैन, तरुण कौशिक और प्रदीप बघेल शामिल हैं। पुलिस सभी आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर कोंडागांव लाकर पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि गिरोह ने देशभर में कई लोगों को इसी तरह ठगी का शिकार बनाया है।
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