भास्कर न्यूज | बालोद बोर्ड परीक्षा परिणाम 2026 में खराब प्रदर्शन वाले स्कूलों के प्राचार्यों पर की गई कार्रवाई के विरोध में जिले के प्राचार्य छत्तीसगढ़ प्रिंसिपल एसोसिएशन के बैनर तले लामबंद हो गए। इस संबंध में 12 मई को जिला मुख्यालय स्थित साहू सदन में प्रांतीय संयोजक अनिल शुक्ला की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला अध्यक्ष सुशील निर्मलकर, प्रांतीय सलाहकार सुनील यादव, अतुल कामले, पीआर ठाकुर, फत्तेराम कोसरिया, बसंत बाघ, तपेश गौतम, बाल सिंह मंडावी, नरेंद्र कुमार भारद्वाज, महेश कुमार, आरएस रायपुरिया, हेमलता गंगबेर, विमला एक्का सहित जिलेभर के प्राचार्य मौजूद रहे। एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन ने वर्ष 2025 की तुलना में कम रिजल्ट आने पर आठ प्राचार्यों को निलंबित तथा 14 प्राचार्यों की एक वेतन वृद्धि अस्थायी रूप से रोकने का आदेश जारी किया है। अधिकार नहीं, कार्रवाई सिद्धांतों के विपरीत ही है प्रांतीय प्रांतीय संयोजक अनिल शुक्ला ने कहा कि बिना कारण बताओ नोटिस जारी किए की गई कार्रवाई सिद्धांतों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि प्राचार्य राजपत्रित श्रेणी-दो के अधिकारी हैं, इसलिए जिला कलेक्टर को निलंबन या वेतन वृद्धि रोकने का अधिकार नहीं है। बैठक के बाद बड़ी संख्या में प्राचार्य कलेक्ट्रेट पहुंचे और सुशासन तिहार के चलते कलेक्टर की अनुपस्थिति में संयुक्त कलेक्टर मधु हर्ष को ज्ञापन सौंपा। एसोसिएशन ने मामले में स्कूल शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर समाधान निकालने की बात कही है।
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