पौधारोपण कार्यक्रम में घंटों इंतजार करती रहीं महिलाएं:बेमेतरा में सुबह 8 बजे पहुंचीं, मंत्री 1:50 बजे आए; भोजन-पानी नहीं मिलने की शिकायत

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बेमेतरा जिले के जेवरा (एन) गांव में शनिवार को ‘मोर गांव, मोर पानी’ महाअभियान के तहत पौधारोपण कार्यक्रम को लेकर अव्यवस्थाओं की शिकायत सामने आई है। कार्यक्रम का निर्धारित समय सुबह 10 बजे था, लेकिन मुख्य अतिथि खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयालदास बघेल दोपहर 1:50 बजे पहुंचे। इस दौरान आसपास के गांवों से सुबह पहुंचीं महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों को कई घंटे इंतजार करना पड़ा। कार्यक्रम में बेरला टेमरी, मुरता, संबलपुर, नांदघाट और दाढ़ी समेत कई क्षेत्रों से महिला समूहों को बुलाया गया था। महिलाओं के मुताबिक, वे सुबह करीब 8 बजे अपने खर्च पर वाहन से कार्यक्रम स्थल पहुंच गई थीं। कुछ महिलाओं ने बताया कि उन्हें जल्दी घर से निकलने के लिए कहा गया था और कई बिना खाना खाए ही कार्यक्रम में आ गई थीं। घंटों इंतजार, भोजन-पानी नहीं मिलने की शिकायत महिला समूह की सदस्यों का कहना है कि कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बाद उन्हें लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। इस दौरान भोजन और पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने की शिकायत की गई। महिलाओं के मुताबिक, कार्यक्रम सुबह 10 बजे का था, इसलिए वे निर्धारित समय से पहले पहुंच गई थीं, लेकिन इंतजार बढ़ता गया। उनका कहना है कि सुबह से कार्यक्रम स्थल पर रहने के बावजूद समय पर भोजन-पानी नहीं मिला। कई महिलाओं को कार्यक्रम समाप्त होने के बाद ही वापस लौटना पड़ा। मंत्री के देर से पहुंचने से बढ़ी देरी कार्यक्रम सुबह 10 बजे से शुरू होकर करीब 3:30 बजे तक चला। मुख्य अतिथि के दोपहर में पहुंचने के कारण कार्यक्रम की समय-सारिणी भी प्रभावित हुई। महिला समूहों की सदस्यों ने सवाल उठाया कि जब उन्हें सुबह 8 बजे ही बुलाया गया था, तो उनके लिए भोजन और पानी की व्यवस्था भी उसी हिसाब से पहले से की जानी चाहिए थी। 26 एकड़ में किया गया पौधारोपण ‘मोर गांव, मोर पानी’ महाअभियान के तहत जेवरा (एन) में करीब 26 एकड़ जमीन पर पौधारोपण किया गया। अभियान का उद्देश्य जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और ग्रामीण क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाना है। कार्यक्रम में ग्रामीणों की भागीदारी के साथ लगाए गए पौधों के संरक्षण पर भी जोर दिया गया। हालांकि, कार्यक्रम के दौरान महिला समूहों की ओर से भोजन और पानी की व्यवस्था को लेकर शिकायतें सामने आती रहीं। महिलाओं का कहना था कि उन्हें सुबह से बुलाया गया था, लेकिन लंबे इंतजार के बाद भी पर्याप्त बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलीं। इस वजह से उन्हें कार्यक्रम के बाद परेशानियों के बीच घर लौटना पड़ा।
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