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यूनिसेफ और भारत स्काउट्स-गाइड्स के संयुक्त आयोजन में 2 दिवसीय मास्टर ट्रेनर्स प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें राज्यभर से आए स्काउट्स-गाइड्स लीडर्स को मासिक धर्म स्वच्छता, किशोर स्वास्थ्य और लैंगिक समानता से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। “पीरियड्स पर खुलकर” अभियान के जरिए यह जागरूकता सभी जिलों तक पहुंचाई जाएगी। अभियान का समापन 28 मई को विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस पर होगा। कार्यक्रम में सभी जिलों से जिला संगठन आयुक्त और महिला लीडर्स शामिल हुए। यूनिसेफ की वॉश ऑफिसर बिरजा कबी सतपथी ने प्रतिभागियों से बातचीत करते हुए मासिक धर्म से जुड़े अनुभव और समाज में फैली गलत धारणाओं पर चर्चा की। इस दौरान माहवारी को लेकर झिझक दूर करने और सही जानकारी देने पर जोर दिया गया। खुलकर बात करने पर जोर यूनिसेफ के एसबीसी कंसल्टेंट अभिषेक त्रिपाठी ने कहा कि मासिक धर्म जैसे विषयों पर खुलकर बात करना जरूरी है। वहीं आशिष कुमार ने माहवारी के दौरान स्वच्छता रखने के आसान और जरूरी तरीके बताए। दूसरे दिन रायपुर की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. पीवी मसीह ने प्रतिभागियों को स्वास्थ्य से जुड़ी जरूरी जानकारी दी। प्रमाण पत्र देकर किया सम्मानित समापन कार्यक्रम में राज्य मुख्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह खालसा ने मास्टर ट्रेनर्स को प्रमाण पत्र दिए। उन्होंने कहा कि यह अभियान किशोरों में जागरूकता बढ़ाने और मासिक धर्म से जुड़े मिथकों को दूर करने में मदद करेगा। राज्यभर में स्काउट्स, गाइड्स, रोवर्स और रेंजर्स इसके जरिए लोगों को जागरूक करेंगे।
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