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धमतरी में जमीन की खरीद-बिक्री को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। तहसीलदार द्वारा जारी नए निर्देशों के बाद अब ऑनलाइन नक्शा अनिवार्य कर दिया गया है। इसके बिना जमीन का पंजीयन नहीं होगा। तहसीलदार कुसुम प्रधान ने बताया कि राजस्व प्रकरणों में नक्शा और सीमांकन से संबंधित बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हो रहे हैं। इनमें कई विवादित नक्शे और बटांकन के मामले शामिल हैं।
जिन जमीनों का ऑनलाइन नक्शा नहीं तुरंत बनवाना होगा उन्होंने बताया कि कई मामलों में यह देखा गया है कि जहां ऑनलाइन नक्शा होना चाहिए, वहां बटर पेपर पर नक्शा बनाकर उप पंजीयक कार्यालय में रजिस्ट्री की जा रही है, जिससे विवाद बढ़ रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए तहसीलदार ने उप पंजीयक और सभी पटवारियों के लिए एक ज्ञापन जारी किया है। ज्ञापन में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जिन जमीनों का ऑनलाइन नक्शा उपलब्ध नहीं है, उनका पहले ऑनलाइन नक्शा बनवाना अनिवार्य होगा। बटर पेपर पर बनाए गए नक्शों के आधार पर किसी भी प्रकार की रजिस्ट्री नहीं की जाएगी। तहसीलदार ने जोर देकर कहा कि जमीन की खरीद-बिक्री तभी मान्य होगी जब संबंधित भूमि का ऑनलाइन नक्शा तैयार होगा। जमीन के लेन-देन में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद तहसीलदार प्रधान ने एक हालिया मामले का उदाहरण देते हुए बताया कि एक सप्ताह पहले एक प्रकरण सामने आया था। इसमें नजरी नक्शे के आधार पर बटांकन कर जमीन को दोबारा बेच दिया गया था, जिसे एक गंभीर त्रुटि माना गया है। प्रशासन के इस फैसले से जिले में जमीन के लेन-देन में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है। नियमों का पालन नहीं करने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
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