![]()
भिलाई के कैम्प-2 शारदा पारा तालाब में नहाने गए एक व्यक्ति की डूबने से मौत हो गई। करीब 16 घंटे बाद SDRF और गोताखोरों की टीम ने उसके शव को ढूंढ निकाला है। लाश तालाब के कीचड़ और जलकुंभी के बीच फंस गया था। घटना छावनी थाना क्षेत्र के कैम्प-2 वार्ड-35 की है। मृतक की पहचान संतोष यादव उर्फ पोपू (40) के रूप में हुई है। वह हमाली का काम करता था। बताया जा रहा है कि संतोष बुधवार शाम करीब 4 बजे तालाब में नहाने गया था। नहाते समय वह गहरे पानी में जाने से डूब गया। आसपास मौजूद लोगों को इसकी जानकारी बाद में मिली। जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। शाम को करीब 3 घंटे गोताखोरों ने की तलाश सूचना मिलते ही छावनी थाना प्रभारी अमित अंदानी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। SDRF और गोताखोरों की टीम को बुलाया गया। शाम करीब 5 बजे से तालाब में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। टीम ने करीब ढाई से 3 घंटे तक तलाश की, लेकिन रात 8.30 बजे तक संतोष का कोई पता नहीं चला। इसके बाद अंधेरा होने की वजह से ऑपरेशन बंद कर दिया गया। अगले दिन गुरुवार सुबह दोबारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। सुबह करीब 8.30 बजे SDRF की टीम को तालाब के कीचड़ और जलकुंभी के बीच शव फंसा हुआ मिला। इसके बाद शव को बाहर निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। 12 एकड़ के तालाब में नीचे पांच फीट तक कीचड़ दलदल जिला सेनानी नगरसेना और अग्निशमन अधिकारी नागेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि, तालाब में करीब 4 से 5 फीट गहरा कीचड़ था। पानी भी बहुत गंदा था। कीचड़ में चलना मुश्किल हो रहा था। तालाब का क्षेत्रफल करीब 10 से 12 एकड़ है। जिससे तलाश करने में दिक्कत हुई। किसी ने संतोष को डूबते हुए नहीं देखा था, इसलिए सही जगह का पता नहीं चल पा रहा था। लोगों ने जिस दिशा में डूबने की बात कही थी, शव उससे दूसरी तरफ मिला। टीम ने बताया कि, तालाब के जिस हिस्से में संतोष नहा रहा था, वहां दलदली कीचड़ और जलकुंभी ज्यादा थी। पैर कीचड़ में फंस जाने की वजह से वह बाहर नहीं निकल पाया और डूब गया। बेटे ने लगाया लापरवाही का आरोप मृतक के बेटे ने आरोप लगाया है कि, दो साल पहले तालाब को गहरा किया गया था, जिसके बाद से यह ज्यादा खतरनाक हो गया है। तालाब में चारों तरफ जलकुंभी फैली हुई है और गहराई का अंदाजा नहीं लगता। इसी वजह से उसके पिता गहरे पानी में चले गए और उनकी मौत हो गई।
<
