![]()
छत्तीसगढ़ में डीजल-पेट्रोल की बढ़ती मांग और शॉर्टेज के बीच स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सभी कलेक्टरों को पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं कि 108 संजीवनी एक्सप्रेस, 102 महतारी एक्सप्रेस, 1099 मुक्तांजलि वाहन और पीएम जनमन मोबाइल मेडिकल यूनिट को प्राथमिकता के आधार पर ईंधन उपलब्ध कराया जाए। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि ये सभी वाहन अत्यावश्यक सेवाओं की श्रेणी में आते हैं। इनमें ईंधन आपूर्ति बाधित होने से आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं सीधे प्रभावित हो सकती हैं। इसी कारण पेट्रोल पंप संचालकों और ऑयल कंपनियों को तत्काल आवश्यक निर्देश जारी करने कहा गया है, ताकि किसी भी स्थिति में इन सेवाओं का संचालन प्रभावित न हो। वहीं, डीजल शॉर्टेज का असर बिलासपुर में लोकल ट्रांसपोर्ट पर भी दिखाई देने लगा है। ट्रक, बस और मेटाडोर संचालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसे लेकर बुधवार को ट्रक, बस और मेटाडोर एसोसिएशन के पदाधिकारी कलेक्टर से मुलाकात कर समस्या से अवगत कराएंगे। दुर्घटना, प्रसूता और गंभीर मरीजों के लिए लाइफलाइन हैं ये सेवाएं स्वास्थ्य संचालनालय की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि 108 संजीवनी एक्सप्रेस सड़क दुर्घटना, हार्ट अटैक, गंभीर बीमारी समेत मेडिकल इमरजेंसी में तत्काल सहायता पहुंचाती है। 102 महतारी एक्सप्रेस गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने का काम करती है। 1099 मुक्तांजलि वाहन अंतिम संस्कार से जुड़ी सेवाओं में उपयोग किए जाते हैं। पीएम जनमन मोबाइल मेडिकल यूनिट दूरस्थ, विशेष क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाती है। ऐसे में इन वाहनों को समय पर ईंधन नहीं मिलने पर आम लोगों की जान बचाने वाली सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। पेट्रोल पंपों को तत्काल दें निर्देश कलेकटर स्वास्थ्य संचालनालय के आयुक्त-सह-संचालक की ओर से जारी पत्र में सभी जिलों के कलेक्टरों से अपने-अपने जिले के पेट्रोल पंप संचालकों, ऑयल कंपनियों को तत्काल निर्देश जारी करने को कहा गया है, ताकि एंबुलेंस, मेडिकल वाहनों को रीफ्यूलिंग के दौरान प्राथमिकता मिल सके। पत्र में जिक्र किया गया है कि कई जिलों में ईंधन की मांग अचानक बढ़ने से सामान्य उपभोक्ताओं के साथ आवश्यक सेवाएं भी प्रभावित होने लगी हैं। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े वाहनों के लिए अलग प्राथमिकता तय करना जरूरी हो गया है। बिलासपुर समेत कई जिलों में बढ़ी चिंता पिछले दिनों बिलासपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखने को मिलीं। कुछ पंपों पर ईंधन खत्म होने जैसी स्थिति भी बनी। डीजल-पेट्रोल सप्लाई प्रभावित होने, पैनिक बाइंग बढ़ने से आम लोगों के साथ एंबुलेंस सेवाओं को लेकर भी चिंता बढ़ गई। इसी पृष्ठभूमि में स्वास्थ्य विभाग का यह फैसला काफी अहम माना जा रहा है। डीजल शॉर्टेज से ट्रांसपोर्टरों की बढ़ीं दिक्कतें ईंधन, खासकर डीजल की कमी की समस्या लगातार बनी हुई है। इसके चलते मंगलवार को ट्रांसपोर्टर काफी परेशान नजर आए। बड़ी गाड़ियों से लेकर छोटी व्यावसायिक वाहनों तक को डीजल के लिए कई पेट्रोल पंपों के चक्कर लगाने पड़े। बताया जा रहा है कि रायपुर-बिलासपुर मार्ग के करीब 80 फीसदी पेट्रोल पंपों पर डीजल उपलब्ध नहीं था। जहां डीजल मिला, वहां भारी वाहनों की लंबी कतार लगी रही। शहर के भीतर स्थित कई पेट्रोल पंपों पर कारों में 10 लीटर, ट्रकों में अधिकतम 20 लीटर तक ही डीजल दिया गया। ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अशोक श्रीवास्तव ने बताया कि मंगलवार को लोकल ट्रांसपोर्ट का काम करीब आधा प्रभावित रहा। गाड़ी मालिक डीजल की कमी से परेशान हैं। हाइवा, ट्रकों का माइलेज प्रति लीटर महज 3 से 4 किलोमीटर होता है। ऐसे में 10 से 20 लीटर डीजल में कामकाज चलाना मुश्किल हो गया है। अरोरा पेट्रोल पंप में चोरी-छिपे डीजल बेचने का वीडियो वायरल ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के महासचिव सैय्यद रासीद अली शनिवार को अपनी कार में डीजल भरवाने अरोरा पेट्रोल पंप पहुंचे थे। वहां मौजूद कर्मचारियों ने उन्हें डीजल देने से इनकार कर दिया, जबकि पंप पर कई बड़ी गाड़ियां खड़ी थीं। बताया गया कि जैसे ही रासीद अपनी गाड़ी लेकर पंप से बाहर निकले, कर्मचारियों ने ट्रकों में डीजल भरना शुरू कर दिया। इसके बाद रासीद दोबारा पेट्रोल पंप पहुंचे और पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर एसोसिएशन के ग्रुप में वायरल कर दिया।
<
