छत्तीसगढ़ में मादक पदार्थों की तस्करी और एनडीपीएस मामलों में लगातार बढ़ोतरी के बीच राज्य शासन ने बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत रायपुर, बिलासपुर और महासम …और पढ़ें

HighLights
- छत्तीसगढ़ में अब मादक पदार्थ मामलों की होगी त्वरित सुनवाई
- रायपुर, बिलासपुर और सरायपाली में बनीं विशेष एनडीपीएस कोर्ट
- नई अदालतों के संचालन के लिए 21 नए पदों के सृजन को भी मंजूरी
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। प्रदेश में मादक पदार्थों की तस्करी और एनडीपीएस मामलों में लगातार बढ़ोतरी के बीच राज्य शासन ने बड़ा कदम उठाया है। लंबित मामलों के तेजी से निराकरण और ड्रग नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई के उद्देश्य से रायपुर, बिलासपुर और महासमुंद जिले के सरायपाली में एक्सक्लूसिव स्पेशल एनडीपीएस कोर्ट गठित किए गए हैं। विधि एवं विधायी कार्य विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है।
उच्च न्यायालय की सहमति से एनडीपीएस एक्ट 1985 की धारा 36 (2) के तहत गठित ये विशेष अदालतें अब केवल मादक पदार्थों से जुड़े मामलों की सुनवाई करेंगी। इससे ड्रग तस्करी, प्रतिबंधित पदार्थों की सप्लाई और अवैध कारोबार से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे का रास्ता साफ होगा।
इन न्यायाधीशों को मिली जिम्मेदारी
राज्य शासन ने रायपुर में गठित एक्सक्लूसिव एनडीपीएस कोर्ट की जिम्मेदारी दसवीं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश स्मृति किरण थवाइट को सौंपी है। बिलासपुर में तृतीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश स्मृति किरण त्रिपाठी को विशेष न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।
वहीं महासमुंद जिले के सरायपाली क्षेत्र के लिए प्रथम जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश पवन कुमार अग्रवाल को विशेष न्यायाधीश बनाया गया है। इन अदालतों का अधिकार क्षेत्र संबंधित सिविल जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा तय कार्य विभाजन के अनुरूप रहेगा। तीनों विशेष अदालतें 11 मई 2026 से प्रभावी मानी गई हैं।
21 नए पदों को मंजूरी
नई अदालतों के संचालन के लिए राज्य शासन ने कुल 21 नए पदों के सृजन को भी मंजूरी दी है। इनमें तीन अतिरिक्त जिला न्यायाधीश, तीन स्टेनोग्राफर, तीन रीडर ग्रेड-1, तीन एक्जीक्यूशन क्लर्क, तीन डिपोजिशन राइटर, तीन प्रोसेस राइटर और तीन भृत्य के पद शामिल हैं। इन पदों के लिए वित्त विभाग ने आकस्मिकता निधि से प्रतीकात्मक 100 रुपये के अग्रिम व्यय की स्वीकृति दी है। इसकी प्रतिपूर्ति वर्ष 2026-27 के अनुपूरक बजट में की जाएगी।
हाईकोर्ट ने दिए निर्देश
हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव द्वारा जारी आदेश में संबंधित जिला एवं सत्र न्यायाधीशों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही नियुक्त न्यायाधीशों को 11 मई 2026 को नए पद का कार्यभार ग्रहण करने कहा गया है।
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लंबित मामलों का घटेगा दबाव
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अलग एनडीपीएस अदालतों के गठन से मादक पदार्थों से जुड़े मामलों की सुनवाई में तेजी आएगी और लंबित मामलों का बोझ कम होगा। प्रदेश में बीते कुछ वर्षों में ड्रग तस्करी और प्रतिबंधित पदार्थों की बरामदगी के मामलों में लगातार वृद्धि हुई है। इसी वजह से विशेष अदालतों की मांग लंबे समय से उठ रही थी।
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