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बस्तर संभाग के कभी माओवाद प्रभावित रहे इलाकों में अब विकास कार्यों को गति मिली है। केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त पहल से इन क्षेत्रों में शांति स्थापित होने के बाद सड़क, पुल-पुलिया और अन्य मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। दूरस्थ वनांचल गांवों तक पक्की सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत कोंडागांव जिले के सुदूर गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने का कार्य तेजी से चल रहा है। सुरक्षा कारणों और माओवादी दहशत के कारण वर्षों तक जिन गांवों में सरकारी योजनाएं नहीं पहुंच पाती थीं, वहां अब निर्माण कार्य शुरू हो गए हैं। जिले में 103 किलोमीटर से ज्यादा 29 सड़कों के निर्माण को मंजूरी जिले में कुल 103.60 किलोमीटर लंबी 29 महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण को स्वीकृति मिली है। इन कार्यों की कुल लागत 78 करोड़ 24 लाख रुपए है। इसमें पीएमजीएसवाई परियोजना क्रियान्वयन इकाई कोंडागांव के तहत 19 सड़कों की कुल लंबाई 68.37 किलोमीटर है, जिसकी लागत 50 करोड़ 27 लाख रुपए है। केशकाल में 11 नई ग्रामीण सड़कों को मिली मंजूरी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यपालन अभियंता से मिली जानकारी के अनुसार, केशकाल क्षेत्र में पीएमजीएसवाई-4 (वर्ष 2025-26) के तहत 11 सड़कों का निर्माण स्वीकृत हुआ है। इन सड़कों की कुल लंबाई 39.23 किलोमीटर है। इनमें बावनमारी-बेडमामारी, होनहेड़-घोड़ाझर, बिंझे-चिखलाडीही, कलेपाल-पराली और रावबेड़ा-गिरगोली जैसे कई ग्रामीण मार्ग शामिल हैं। फरसगांव क्षेत्र में पतोड़ा से कुम्हारपारा तक सड़क निर्माण भी स्वीकृत किया गया है। मर्दापाल में 45 किमी लंबी 12 नई सड़कों का निर्माण होगा इसी तरह मर्दापाल क्षेत्र में 45 किलोमीटर लंबी 12 सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इनमें पुजारीपारा-कटुलपारा, पल्ली-बरसूर मार्ग से कीलम, लखापुरी-एहरा, बयानार मार्ग से बड़को और छोटेउसरी से टिमेनार जैसे महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, कोंडागांव क्षेत्र में भी 20.36 किलोमीटर लंबी 6 सड़कों का निर्माण प्रस्तावित है। इन सड़क निर्माण कार्यों से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा बेहतर होगी। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी बुनियादी सेवाओं तक लोगों की पहुंच आसान बनेगी। स्थानीय ग्रामीणों को बाजारों और अन्य आर्थिक गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी आजीविका में सुधार होगा। इन विकास कार्यों से क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाओं को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
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