कृषिमंत्री रामविचार नेताम ने खाद की कालाबाजारी पर लगाई फटकार:खाद-बीज भंडारण केंद्रों पर पहुंचे, कहा- ब्लैक मार्केटिंग हुई तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई करें

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सरगुजा में खाद की कालाबाजारी की लगातार मिल रही शिकायतों के बीच गुरुवार को कृषि मंत्री रामविचार नेताम अंबिकापुर पहुंचे। उन्होंने ट्रांसपोर्ट नगर स्थित खाद भंडारण केंद्र, बीज निगम के गोदाम और नमनाकला सहकारी समिति का निरीक्षण किया। मंत्री के दौरे की जानकारी पहले से होने के कारण निरीक्षण के दौरान सभी व्यवस्थाएं ठीक नजर आईं। मंत्री ने किसानों से खाद और बीज की उपलब्धता और वितरण की जानकारी ली। खाद की कालाबाजारी की शिकायतों पर उन्होंने नाराजगी जताई और कृषि विभाग के उपसंचालक पितांबर सिंह दीवान को फटकार लगाई। मंत्री ने निर्देश दिए कि खाद की कालाबाजारी में जो भी अधिकारी या कर्मचारी शामिल पाए जाएं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। मंत्री बोले-खाद भंडारण की स्थिति बेहतर निरीक्षण के दौरान कृषि मंत्री नेताम ने ट्रांसपोर्ट नगर के खाद भंडारण केंद्र में रखे एनपीके, पोटाश, एसएसपी सहित अन्य खाद के स्टॉक की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समितियों में किसानों की जरूरत के अनुसार खाद भेजा जाए, ताकि उन्हें परेशानी न हो। मंत्री ने कहा कि पिछले साल की तुलना में इस बार खाद भंडारण की व्यवस्था बेहतर है। उन्होंने कहा कि समितियों में किसानों को आसानी से खाद उपलब्ध होना चाहिए। इसके बाद मंत्री रामविचार नेताम अजीरमा पहुंचे और वहां किसानों को दिए जा रहे बीज की जानकारी ली। उन्होंने बीज के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को अच्छी गुणवत्ता का बीज मिल सके। समितियों में किसानों से लिया फीडबैक मंत्री रामविचार नेताम ने सहकारी समिति नमनाकला और सरगवां का निरीक्षण किया और किसानों से फीडबैक भी लिया। उन्होंने कहा कि जिले के शत-प्रतिशत पात्र कृषकों का किसान क्रेडिट कार्ड प्राथमिकता के आधार पर बनवाया जाए। जिलेभर में खाद की कालाबाजारी, मंत्री बोले-कार्रवाई करें सरगुजा में इस साल भी खाद की कालाबाजारी की शिकायतें सामने आ रही हैं। किसानों का आरोप है कि 266 रुपये वाला यूरिया बाजार में करीब 700 रुपये प्रति बोरी तक बेचा जा रहा है। प्रशासन के दावों के बावजूद कई किसानों को जरूरत के अनुसार यूरिया नहीं मिल पा रहा है। समितियों में उन्हें नैनो यूरिया और नैनो डीएपी दिया जा रहा है, जिसे कई किसान लेने से मना कर रहे हैं। चार दिन पहले नावानगर में खाद की कालाबाजारी का मामला सामने आया था। वहां बड़ी मात्रा में खाद का भंडारण मिला था, लेकिन अधिकारियों ने गोदाम को सील नहीं किया। मंत्री ने कहा कि खाद की कालाबाजारी की शिकायत मिलती है तो संबंधित क्षेत्र के अधिकारी पर कार्रवाई की जाए। निरीक्षण के दौरान कृषि विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।
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