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राजधानी के व्यस्ततम कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मल्टीलेवल पार्किंग में अवैध वसूली, शराबखोरी और संदिग्ध गतिविधियों का खुलासा हुआ है। शिकायत मिलने के बाद सोमवार को रायपुर नगर निगम के उड़नदस्ता और पुलिस टीम ने संयुक्त छापेमारी की, जिसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में पता चला कि नगर निगम द्वारा इस पार्किंग स्थल के लिए कोई वैध टेंडर जारी नहीं किया गया था, इसके बावजूद अवैध तरीके से पार्किंग संचालन किया जा रहा था। मौके पर नगर निगम कर्मचारियों की बजाय निजी लोगों को पार्किंग वसूली करते पाया गया। उड़नदस्ता टीम और पुलिस मौके पर पहुंची और सामग्री जब्त कर जांच शुरू की। शिकायतें सही मिलने पर पार्किंग में कार्यरत निगम के चार कर्मचारियों को नोटिस जारी किया गया है। संचालन कर रहा निगम लेकिन वसूली निजी लोग कर रहे पार्किंग के लिए अभी तक टेंडर जारी नहीं हुआ है, इसलिए संचालन निगम के पास है। तीन महीने पहले ही यहां शुल्क वसूली शुरू हुई है। इसके बाद से अवैध वसूली बढ़ी है। बिना सीरियल नंबर और सील की पर्चियां देकर पैसा लिया जा रहा है। जबकि कुछ मामलों में क्यूआर कोड से व्यक्तिगत खातों में भुगतान लिया जा रहा है। इन सभी पहलुओं की जांच नगर निगम के अधिकारी कर रहे है।
पूर्व ठेकेदार शोएब के नाम पर बिना सील मुहर का आर्म्स लाइसेंस मिले कलेक्टोरेट मल्टीलेवल पार्किंग में मिली शिकायतों के बाद जब निगम की टीम वहां पहुंची तो यहां अवैध पार्किंग वसूली से संबंधित कई दस्तावेज मिले। इसमें ठेकेदार मोहम्मद शोएब के नाम की मासिक पास पर्ची और आर्म्स लाइसेंस से संबंधित दस्तावेज मिले हैं। आर्म्स लाइसेंस के दस्तावेज में किसी तरह की मुहर भी नहीं लगी थी। पुलिस की टीम ने आर्म्स लाइसेंस को जब्त कर लिया है और लाइसेंस के संबंध में जांच की जा रही है।
जवाब नहीं मिला तो सख्त कार्रवाई होगी नगर निगम कमिश्नर विश्वदीप ने कहा कि बताया कि कलेक्टोरेट की मल्टीलेवल पार्किंग के साथ शहर की पांच पार्किंग का टेंडर एक साथ जारी किया जा रहा है। अवैध वसूली की जांच के दौरान चार कर्मचारियों को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस के जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पहले फ्री थी पार्किग वीके तिवारी ने बताया कि पार्किग का दस रुपए लिया जा रहा है। मैने कहा कि यहां पार्किग फ्री है तब यहां काम करने वाले लड़कों ने कहा कि पार्किग का पैसा लिया जा रहा है और देना होगा। तिवारी ने कहा कि हम अपने काम से आते है इसलिए बहस नहीं करते पार्किग के रुपए दे देते है। वही मल्टीलेवल पार्किग में आने वाले इरफान ने बताया कि पहले जिला प्रशासन और नगर निगम की ओर पहले पार्किग फ्री थी। कोई शुल्क नहीं देना पड़ता था। लेकिन अभी कार पार्किग का 20 रुपए लिया जा रहा है। विवादों में रहा है कलेक्ट्रेट मल्टीलेवल पार्किग मिली जानकारी के अनुसार पूर्व में कलेक्ट्रेट मल्टीलेवल पार्किंग विवादों में रहा है। पूर्व में यहां बकरा काटने के साथ अवैध गतिविधियां संचालित करने का मामला सामने आया था। वही रोजाना शराबखोरी और अव्यवस्था की शिकायतें सामने आ रही हैं। यहां गुंडे किस्म के युवा बेखौफ होकर शराब पी रहे हैं और देर रात वाहन खड़ा करने आने वालों से विवाद भी कर रहे हैं। अवैध रूप से पार्किंग वसूली कर रहे थे। जांच के दौरान पता चला कि अवैध कमाई के लिए निगम की बिना सीरियल नंबर और सील के पर्ची देकर लोगों से वसूली की जा रही है।
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