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एसईसीएल के अमेरा खदान में निजी कांट्रेक्टर और श्रमिकों के बीच झड़प के बाद श्रमिक हड़ताल पर बैठ गए हैं। झड़प की सूचना पर एसडीओपी तूल सिंह पट्टवी भी खदान पहुंचे और श्रमिकों को समझाइश दी। श्रमिकों ने ठेका कंपनी एलसीसी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। हड़ताल के कारण गुरुवार को खदान में कोयला उत्पादन ठप रहा। श्रमिकों ने मारपीट, शोषण करने का आरोप लगाया है। जानकारी के मुताबिक, बीती रात अमेरा खदान में निजी कंपनी एलसीसी और मजदूरों के बीच झड़प हो गई और झड़प मारपीट में बदल गई। श्रमिकों ने खदान में हंगामा कर दिया। हंगामें की सूचना पर एसडीओपी तूल सिंह पट्टवी पुलिस बल के साथ खदान पहुंचे और झड़प शांत कराया। श्रमिक तत्काल तो शांत हो गए, लेकिन फिर कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। ठेका कंपनी पर शोषण का आरोप
एलसीसी कंपनी के कांट्रेक्टर पर खदान में काम कर रहे दैनिक वेतन श्रमिकों ने शोषण का आरोप लगाया है। विवाद की शुरूआत भी ओवरटाइम काम करने को लेकर हुई थी। श्रमिकों ने आरोप लगाया है कि एलसीसी कंपनी के कांट्रेक्टरों द्वारा उनसे सुबह 06 बजे से शाम 06 बजे काम लिया जाता है। काम नहीं करने पर डंडा दिखाकर मारपीट की धमकी दी जाती है। ओव्हरटाइम का पैसा नहीं दिया जाता। वहीं एलसीसी कंपनी के मैनेजर राघवेंद्र पांडेय ने बताया कि श्रमिक शराब के नशे में धुत थे एवं शराब पीकर अभद्रता कर रहे थे। जिसके बाद मजदूरों के साथ केवल हल्की धक्का मुक्की ही हुई है। एलसीसी कंपनी के मैनेजर का कहना है की 08 घंटे से ऊपर ऐच्छिक ओटी करने पर भुगतान नियमानुसार किया जाता है। हड़ताल पर मजदूर, उत्पादन ठप
विवाद के बाद मजदूरों ने खदान में काम बंद कर दिया है। इसके कारण गुरुवार को खदान में उत्पादन ठप रहा। मजदूरों के साथ विवाद के बाद मजदूर इंटक के पदाधिकारी अमेरा खदान पहुंचे और पीड़ित मजदूरों से मुलाकात कर उनसे घटना के संबंध में जानकारी ली। मजदूरों ने मामले में कंपनी के कांट्रेक्टर एवं कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हड़ताल के कारण लाखों रुपये का कोयला उत्पादन प्रभावित हुआ है।
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