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अंबिकापुर सेंट्रल जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे बंदी की मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई। बंदी को दस्त की शिकायत थी। हालत बिगड़ने पर उसे मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में दाखिल किया गया था, जहां इलाज के दौरान बीती रात उसने दम तोड़ दिया। जेल प्रबंधन के अनुसार जेल में और बंदियों को दस्त की शिकायत नहीं है। जानकारी के मुताबिक, एमसीबी जिला के केल्हारी थाना अंतर्गत ग्राम गुडरू निवासी शिव प्रसाद (50 वर्ष) अपनी पत्नी की हत्या के आरोप में मनेन्द्रगढ़ जेल में निरूद्ध था। वर्ष 2021 में न्यायालय के द्वारा उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। आजीवन कारावास मिलने के बाद उसे मनेन्द्रगढ़ जेल से केंद्रीय जेल अंबिकापुर में शिफ्ट कर दिया गया था। दस्त से बिगड़ी हालत
शिव प्रसाद को दो मई को दस्त की शिकायत होने पर जेल के हॉस्पिटल में उसका उपचार किया जा रहा था। हालत बिगड़ने पर रविवार को बंदी को मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया था। मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भी उसके स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ। मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में इलाज के दौरान उसकी बीती रात मौत हो गई। जेल प्रबंधन की सूचना पर बंदी के परिजन अंबिकापुर पहुंच गये। उन्हें शव सौंप दिया गया है। जेल प्रबंधन के अनुसार जेल में और किसी मरीज को उल्टी-दस्त की शिकायत नहीं है। गर्मी एवं मौसम में बदलाव को देखते हुए बंदियों के स्वास्थ्य पर नजर रखी जा रही है।
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