Facebook Twitter Youtube
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • न्याय
  • राजनीति
  • साहित्य
  • धर्म-समाज
  • वीडियो
  • Home
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • न्याय
  • राजनीति
  • साहित्य
  • धर्म-समाज
  • वीडियो
Home » ग्रामीणों ने सोसायटी संचालक को बनाया बंधक:सरगुजा में कई महीनों से राशन नहीं मिलने भड़के, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छुड़ाया
Breaking News

ग्रामीणों ने सोसायटी संचालक को बनाया बंधक:सरगुजा में कई महीनों से राशन नहीं मिलने भड़के, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छुड़ाया

By adminMay 1, 2026No Comments3 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
whatsapp image 2026 05 01 at 131348 1777621676
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email



whatsapp image 2026 05 01 at 131348 1777621676
सरगुजा जिले के रजपुरीकला में कई माह से राशन नहीं मिलने से परेशान ग्रामीणों ने देर रात 11 बजे जमकर हंगामा किया। करीब 100 से अधिक ग्रामीणों ने सोसायटी के संचालक को बंधक बना लिया। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और संचालक को छुड़ाया। मामला लखनपुर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, रजपुरीकला के ग्रामीणों को कई माह से पूरा राशन नहीं मिला है। तीन दिनों से ग्रामीण तड़के चार बजे से राशन लेने के लिए लाइन लगा रहे थे, लेकिन उन्हें राशन नहीं मिल पा रहा था। माह के अंतिम दिन सुबह से लाइन लगाने वाले ग्रामीण देर रात तक राशन नहीं मिलने पर भड़क गए और सोसायटी संचालक हरिंद्र प्रसाद राजवाड़े को बंधक बना लिया। ग्रामीणों ने कहा-कई माह से नहीं मिल रहा राशन हंगामें और सोसयटी संचालक को बंधक बनाए जाने की सूचना मिलने पर लखनपुर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाइश देकर शांत कराया। ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें कई माह से पूरा राशन नहीं मिला है। पूरा अप्रैल माह बीत गया, लेकिन अप्रैल माह का राशन नहीं मिल सका। ग्रामीण धनीराम प्रजापति ने बताया दुकान खोलने का समय निर्धारित नहीं है। तीन माह से राशन नहीं मिल सका। दुकान संचालक की लापरवाही के कारण राशन नहीं मिल पा रहा है। राशन दुकान संचालक 20 तारीख से दुकान खोलते हैं। हितग्राही विमला ने बताया कि तीन माह से उन्हें राशन नहीं मिला है। राशन खोलने का समय निर्धारित नहीं है। तीन माह से राशन नहीं मिला है, जबकि वे दो दिनों से सुबह 4 बजे से लाइन लगा रहे हैं। हितग्राही भुनेश्वरी ने बताया कि तीन दिनों से सुबह 4 बजे से लाइन लगा रहे हैं। हमें चावल नहीं मिल रहा है। दो माह का चावल नहीं मिला है। राशन दुकान संचालक की लापरवाही से चावल नहीं मिल सका है। समय पर दुकान नहीं खोला जाता। नियमों की अनदेखी कर चला रहे दुकान राशन दुकान पूरे माह खोलने का नियम है। दुकान संचालक हरविंद्र प्रताप राजवाड़े दो जगह दुकान चलते हैं। उनका दावा है कि वे माह में 15 दिन दुकान खोलते हैं। आबंटन में दिक्कत के कारण राशन नहीं मिल पा रहा है। वहीं ग्रामीणों ने कहा कि राशन दुकान संचालक झूठ बोल रहा है। वह एक सप्ताह या 9 दिन से ज्यादा दुकान नहीं खोलता। लंबे समय से राशन दुकान संचालक की मनमानी झेल रहे ग्रामीणों में राशन नहीं मिलने से आक्रोश है। ग्रामीण इसकी शिकायत खाद्य विभाग से भी करेंगे। फिलहाल अभी तक खाद्य अधिकारी या विभाग से कोई बयान सामने नहीं आया है।



<



Advertisement Carousel

theblazeenews.com (R.O. No. 13229/12)

×
Popup Image



Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
admin
  • Website

Related Posts

बिलासपुर में ‘ब्लैकआउट’ से हाहाकार:दावे हवा-हवाई,अफसरों ने बंद किए फोन, आक्रोशित लोगों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

May 17, 2026

6 करोड़ की फिरौती मांगने वाले किडनैपर्स, ‘बड़ी मां’ समेत सभी 5 दोषियों की उम्रकैद बरकरार;अपील खारिज

May 17, 2026

चंद मुनाफे के लिए सेहत से खिलवाड़! प्रशासन का ‘शुद्ध के लिए युद्ध’ सावधान! सीधे दर्ज होगी एफआईआर

May 17, 2026

Comments are closed.

samvad add RO. Nu. 13783/159
samvad add RO. Nu. 13783/159
Stay In Touch
  • Facebook
  • Twitter
  • YouTube
  • Telegram
Live Cricket Match

[covid-data]

Our Visitor

070734
Views Today : 82
Views Last 7 days : 1376
Views Last 30 days : 3868
Total views : 92282
Powered By WPS Visitor Counter
About Us
About Us

Your source for the Daily News in Hindi. News about current affairs, News about current affairs, Trending topics, sports, Entertainments, Lifestyle, India and Indian States.

Our Picks
Language
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
  • Home
© 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.