जशपुरनगर: त्योहारी सीजन आते ही नगर पालिका ने शहर के मध्य में स्थित देउलबंध और डोंगा तालाब की सफाई शुरू कर दिया है। इन दिनों शहर में गणेश उत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। शहर के चौक चौराहों में भगवान श्रीगणेश के पंडाल सजे हुए है। उत्सव के दसवे इन दिन प्रतिमाओं का श्रद्वालु तालाब में विसर्जन करेगें। विसर्जन का सबसे अधिक दबाव शहर के इन दोनों तालाबों पर ही होता है।

बरसात के मौसम में ये दोनों तालाब जलिय खर पतवारों से भर गए हैं। बुधवार से नगरपालिका के सफाईकर्मी इन जलिय खर पतवारों को साफ करने में जुटे हुए है। हालांकि बड़ी मात्रा में जमे हुए खर पतवार और गाद को निकालना इन कर्मचारियों के कठिन चुनौती है। विसर्जन के दौरान इन खर पतवारों में उलझने से दुर्घटना होने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने सफाई की दिशा में पहल की है।

उल्लेखनिय है कि शहर में तालाब,कुआं के साथ नदियों व नालों की स्थितियां ठीक नहीं है। देउलबंध और डोंगा तालाब के अलावा शांतिभवन के पास स्थित खजांची तालाब शहर के भू जल स्तर और निस्तारी के लिहाज से महत्वपूर्ण है। लेकिन इनका स्वामित्व नीजि हाथों में होने के कारण प्रशासन इनके संरक्षण व संवर्द्वन के लिए खुल कर काम नहीं कर पाता है। यही हाल शहर के सार्वजनिक कुओं का भी है। अधिकांश कुंए या तो विलुप्त हो चुके हैं या गंदगी व प्रदूषित पानी से अटे हुए हैं। बीते दिनों इन कुओं को संवारने का निर्णय जशपुर फोरम की बैठक में लिया गया था। नगर पालिका के सीएमओ योगेश्वर उपाध्याय का कहना है कि बरसात के बाद काम को आगे बढ़ाया जाएगा।
