छत्तीसगढ़

बीएड शिक्षकों को अब छह महीने का ब्रिज कोर्स करना होगा

प्राथमिक कक्षाओं में बीएड की योग्यता के आधार पर अध्यापन कर रहे शिक्षकों को अब छह महीने का विशेष ब्रिज कोर्स करना होगा। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की ओर से शुरू किए जा रहे इस कोर्स के दायरे में 28 जून 2018 से 11 अगस्त 2023 के बीच नियुक्त वे शिक्षक आएंगे, जो बीएड की योग्यता के आधार पर प्राथमिक स्कूलों में पढ़ा रहे हैं। संबंधित शिक्षकों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत पंजीयन कराना होगा।

शिक्षा विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ में प्राथमिक स्कूलों में करीब 80 हजार शिक्षक कार्यरत हैं। इनमें लगभग 10 हजार शिक्षक बीएड योग्यता वाले हैं। ऐसे शिक्षकों के लिए अब आनलाइन ब्रिज कोर्स करने की व्यवस्था की जा रही है। कोर्स पूरा करने के बाद प्राथमिक स्तर पर अध्यापन के लिए आवश्यक प्रशिक्षण संबंधी प्रविधानों को पूरा किया जा सकेगा।

एनसीटीई की ओर से शुरू किया जा रहा छह महीने का ब्रिज कोर्स प्राथमिक स्तर पर अध्यापन के लिए आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार इसका संचालन नेशनल इंस्टीट्यूट आफ ओपन स्कूलिंग (एनआइओएस) द्वारा आनलाइन किया जाएगा। इससे संबंधित शिक्षक नौकरी के साथ घर बैठे कोर्स की पढ़ाई कर सकेंगे।

कोर्स की अध्ययन सामग्री हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं परीक्षा के लिए 22 भारतीय भाषाओं में से किसी एक भाषा का विकल्प दिया जाएगा। इससे अलग-अलग राज्यों के शिक्षकों को अपनी सुविधा के अनुसार परीक्षा देने की सुविधा मिलेगी।

शालेय शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र दुबे ने कहा कि ब्रिज कोर्स से प्राथमिक स्तर पर अध्यापन कर रहे बीएड शिक्षकों को लाभ होगा। नई शिक्षा नीति लागू होने के समय से ही शिक्षकों को आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की मांग की जा रही थी। अब ब्रिज कोर्स के माध्यम से शिक्षकों को प्राथमिक स्तर के बच्चों की आयु और सीखने की जरूरतों के अनुरूप अध्यापन से संबंधित प्रशिक्षण मिल सकेगा।

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