बिलासपुर कोचिंग डिपो में रेलकर्मी का पैर ट्रेन के पहिये की चपेट में, एड़ी से कटकर अलग

बिलासपुर के कोचिंग डिपो में बुधवार को ट्रेन के नीचे से पार करने की कोशिश कर रहे रेलवे इलेक्ट्रिकल विभाग के सहायक तकनीशियन का पैर पहिये की चपेट में आ गया। घटना दोपहर करीब 2:14 बजे कोचिंग डिपो की वॉशिंग लाइन नंबर चार की है।
बिलासपुर-नागपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस के मेंटेनेंस के दौरान विद्युत विभाग के सहायक तकनीशियन एस शिवा राव ट्रेन के नीचे से दूसरी ओर जाने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान ट्रेन को जोनल स्टेशन की ओर बैक किया जाने लगा।
ट्रेन की गति धीमी होने के कारण शिवा राव को लगा कि वह आसानी से दूसरी ओर निकल जाएंगे। वह ट्रेन के नीचे से निकल भी गए, लेकिन उनका बायां पैर ट्रैक किनारे निकले पाइप में फंस गया। इसी दौरान पैर पहिये की चपेट में आ गया और एड़ी के पास से कटकर अलग हो गया।
इससे पहले कि वह ट्रेन के नीचे से निकल पाते, उनका बायां पैर फंस गया और एड़ी के पास से कटकर अलग हो गया। साथी रेलकर्मियों ने तत्काल एंबुलेंस बुलाकर उन्हें अपोलो अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
घटना के बाद कोचिंग डिपो में अफरा-तफरी मच गई। साथी कर्मचारी तत्काल मौके पर पहुंचे और घायल शिवा राव को बाहर निकाला। बताया गया कि पास की लाइन में खड़ी चेन्नई एक्सप्रेस से कंबल लाकर उन्हें उसमें लिटाया गया और तत्काल एंबुलेंस की मदद से अपोलो अस्पताल पहुंचाया गया।
घटना की सूचना मिलने पर संबंधित विभाग के अधिकारी और इंजीनियर भी अस्पताल पहुंचे। चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत स्थिर है और वह बातचीत कर रहे हैं। हालांकि, हादसे में उन्हें अपना बायां पैर गंवाना पड़ा।
इंटरसिटी एक्सप्रेस बिलासपुर से दोपहर 3:20 बजे नागपुर के लिए छूटती है। यही कारण है कि कोचिंग डिपो में निर्धारित मेंटेनेंस तय समय पर पूरा कर लिया गया। मेंटेनेंस के दौरान सफाई के साथ ट्रेन के विभिन्न हिस्सों का परीक्षण भी किया जाता है।
इसी क्रम में सहायक तकनीशियन एस शिवा राव ने ट्रेन के विद्युत संबंधी हिस्सों की जांच की थी। काम पूरा होने के बाद ट्रेन को जोनल स्टेशन की ओर बैक किया जा रहा था। इसी दौरान वह ट्रेन के नीचे से दूसरी ओर जाने लगे और हादसा हो गया।
कोचिंग डिपो में हादसे का शिकार हुए सहायक तकनीशियन के ट्रेन के नीचे से दूसरी ओर जाने की वजह को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि वह संभवतः अपना टूल बाक्स लेने के लिए ट्रेन के नीचे से पार कर रहे थे।
हालांकि, वह अनुभवी रेलकर्मी हैं और लंबे समय से कोचिंग डिपो में कार्यरत हैं। ऐसे में उनके इस तरह ट्रेन के नीचे से गुजरने को लेकर साथी कर्मचारियों के बीच भी चर्चा है। घटना के समय ट्रेन धीमी गति से बैक हो रही थी। हादसे की वास्तविक वजह घायल रेलकर्मी के बयान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।




