द ब्लेज ई न्यूज,जशपुरनगरः मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर सात साल के बाद फिर से छत्तीसगढ़ में सरकारी स्कूलों का सामाजिक अंकेक्षण होने जा रहा है। मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के लिए जिला प्रशासन ने तैयारी को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इस अभियान के अंर्तगत जिले के जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी स्कूलों का निरीक्षण कर शिक्षा की गुणवत्ता और बुनियादी सुविधाओं का आंकलन निर्धारित प्रपत्र में भर कर सरकार को भेजेगें। इस आधार पर सरकार छत्तीसगढ़ में शिक्षा गुणवत्ता में सुधार की नई नीति तैयार करेगी। जशपुर जिले में शिक्षा विभाग ने इसकी प्रारंभिक तैयारी पूरी कर ली है। जिला शिक्षा और प्रशिक्षण केंद्र (डाईट) के प्राचार्य एमजेडयू सिद्दीकी ने बताया कि अभियान के लिए एससीईआरटी द्वारा प्रशिक्षित पांच मास्टर ट्रेनरों द्वारा जिले के 265 संकुल प्राचार्यों को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इस प्रशिक्षण में प्राचार्याे को स्थानीय स्तर पर समिति का गठन और प्रपत्र भरने के तरीकों का सूक्ष्मता से प्रशिक्षण दिया गया है ताकि अभियान के दौरान किसी प्रकार की त्रुटी ना हो। इन संकुल प्राचार्याे ने संकुल स्तर पर एक-एक नोडल अधिकारी को प्रशिक्षण का काम भी जिले में पूरा हो चुका है।

जनप्रतिनिधि और अधिकारी परखेगें शिक्षा की गुणवत्ता –
अभियान में जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम स्कूलों का दौरा करेगी। इस दौरान यह टीम छात्रों,अभिभावकों और शिक्षा समिति के पदाधिकारियों व सदस्यों से स्कूल में शिक्षा का स्तर,समस्या और विकास के संबंध में सीधा चर्चा करेगे। निरीक्षण के दौरान टीम छात्रों के शिक्षा का स्तर भी जांचेगें। इस आधार पर निर्धारित प्रपत्र में जानकारी तैयार कर सरकार को भेजा जाएगा। प्रदेश के सभी जिलों से प्राप्त फिडबैक के आधार पर सरकार अपनी भावी शिक्षा नीति का निर्धारण करेगी। प्राचार्य सिद्दीकी ने बताया कि शिक्षण संस्थाओं का यह सामाजिक अंकक्षेण,प्रदेश में शिक्षा के स्तर में भावी सुधारों के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

‘‘मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के लिए प्रशिक्षण कार्य पूरा कर लिया गया है। अभियान शुरू करने के लिए तिथि निर्धारण होने के बाद यह शुरू होगा।’’
एमजेडयू सिद्दीकी,प्राचार्य,डाईट।
