यूथ कांग्रेस चुनाव में OTP मांगने वाले ऑडियो-वीडियो मिले: देवेंद्र यादव के नाम से गया फोन, वोट चेक करने के बहाने मांगा गया OTP

छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के संगठन चुनाव में फर्जी वोटिंग का मुद्दा तूल पकड़ रहा है। दैनिक भास्कर की पड़ताल में सामने आया था कि करीब 8 रुपए में फर्जी OTP के जरिए वोटिंग कराए जाने के आरोप हैं। अब दैनिक भास्कर को मिले कुछ वीडियो और ऑडियो में ऐसे दावे सुनाई दे रहे हैं, जिनमें लोगों से OTP मांगा जा रहा है। इन बातचीत में OTP मांगने के लिए देवेंद्र यादव ग्रुप और सत्येंद्र चेलक टीम का नाम लिया गया। कहीं सदस्यता शुल्क जमा करने की बात कही गई तो कहीं OTP से पता किया जा रहा है कि कितने वोट हुए हैं। एक बातचीत में तो सामने वाला व्यक्ति यह भी पूछता सुनाई देता है कि वोट किसके लिए किया है। इन वीडियो और ऑडियो की पुष्टि दैनिक भास्कर नहीं करता है। हालांकि, इन रिकॉर्डिंग के आधार पर चुनाव की प्रक्रिया और सदस्यों के डेटा की गोपनीयता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
एक वीडियो में फोन करने वाला व्यक्ति खुद को एक टीम से जुड़ा बताते हुए OTP मांगता है। बातचीत में पहले भिलाई से फोन करने वाले व्यक्ति का नाम पूछा जाता है। वह खुद को अवध राज बताता है और कहता है कि वह DY यानी देवेंद्र यादव ग्रुप से बात कर रहा है। इसके बाद जब सामने वाला व्यक्ति बताता है कि उसने सत्येंद्र चेलक के लिए काम किया है, तो फोन करने वाला ‘ठीक है, ठीक है’ कहकर बातचीत खत्म कर देता है।
दूसरे वीडियो में फोन करने वाला खुद को इंडियन यूथ कांग्रेस से बताता है। वह वोटिंग का पेमेंट कराने की बात कहकर सामने वाले से पूछता है कि वह किसके यहां से बात कर रहा है। जवाब में फोन करने वाला व्यक्ति खुद को आकाश के ऑफिस से आजाद वर्मा बताता है। इसके बाद बातचीत में कहा जाता है कि पहले OTP बताइए, फिर बताया जाएगा कि कितने वोट हुए हैं। सामने वाले व्यक्ति के फोन पर OTP आने की बात भी रिकॉर्डिंग में सुनाई देती है, लेकिन वह OTP बताने से इनकार कर देता है।
एक और ऑडियो में OTP के लिए फोन करने की बात होती है। सामने वाला व्यक्ति कहता है कि उसने चार नंबर (शैलेंद्र बंजारे) में वोट ही नहीं डाले, फिर OTP के लिए बार-बार फोन क्यों किया जा रहा है। इसके जवाब में उससे पूछा जाता है कि उसने किसके लिए वोटिंग की है। जब सामने वाला फोन करने वाले से पूछता है कि वह किसके लिए फोन कर रहा है, तो जवाब आता है कि शैलेंद्र बंजारे के ऑफिस से बोल रहे हैं। सामने वाला व्यक्ति कहता है कि उसने उनके ऑफिस के लिए वोट नहीं किया। इसके बाद बातचीत में यह आरोप लगाया जाता है कि कहीं तो वोट किया होगा और फर्जी वोट कर वोट बढ़वाए जा रहे हैं। फोन करने वाले की ओर से यह भी कहा जाता है कि लिस्ट में नाम है, इसलिए कॉल कर रहे हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल नए सदस्यों के डेटा को लेकर है। यूथ कांग्रेस चुनाव में सदस्य का मोबाइल नंबर और मतदान से जुड़ी जानकारी सामान्य तौर पर चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा होती है। ऐसे में सवाल है कि अलग-अलग लोगों तक सदस्यों के नंबर और उनकी वोटिंग से जुड़ी जानकारी कैसे पहुंच रही है।
आईटी एक्सपर्ट मोहित साहू के मुताबिक, आमतौर पर किसी सिस्टम में मौजूद ऐसी जानकारी बाहर आने के लिए सिस्टम तक अंदर से पहुंच या तकनीकी सेंध, दोनों संभावनाएं हो सकती हैं। उनके अनुसार यदि किसी बाहरी व्यक्ति के पास सदस्यों के नाम और मोबाइल नंबर जैसी जानकारी पहुंच रही है, तो यह जांच का विषय है कि डेटा किस स्तर से बाहर गया।
मामला सिर्फ इस बात तक सीमित नहीं है कि OTP लेकर वोट डाला गया या नहीं। अगर रिकॉर्डिंग में किए जा रहे दावे सही पाए जाते हैं, तो सवाल यह भी है कि किस सदस्य ने किसे वोट दिया, यह जानकारी किसके पास थी और वह दूसरों तक कैसे पहुंची। दैनिक भास्कर की पड़ताल में सामने आए इन वीडियो-ऑडियो की सत्यता और उनमें किए गए दावों की जांच जरूरी है। साथ ही यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि यूथ कांग्रेस चुनाव की व्यवस्था में सदस्यों का डेटा किस तरह सुरक्षित रखा गया और OTP आधारित मतदान की निगरानी कैसे की गई।
इससे संबंधित एक अन्य खबर में बताया गया था कि छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के संगठन चुनाव में फर्जी वोटिंग और ID हैकिंग के आरोप सामने आए हैं। कई प्रत्याशियों और समर्थकों ने चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी की शिकायत की है। दैनिक भास्कर की पड़ताल में ऐसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और तकनीकी तरीके की जानकारी सामने आई है, जिनके जरिए वर्चुअल मोबाइल नंबर लेकर OTP हासिल किया जा सकता है।




