सार्वजनिक संपत्तियों पर दूरसंचार ढांचे को लेकर एकाधिकार पर रोक, नगरीय निकायों को नए नियमों के पालन के निर्देश

नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय ने सभी नगर निगम आयुक्तों और मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सार्वजनिक संपत्तियों, नगरीय निकायों, स्टेडियमों और सरकारी भवनों में दूरसंचार ढांचा लगाने के नाम पर किसी एक कंपनी या एजेंसी को एकाधिकार देने की व्यवस्था अब नहीं चलेगी। संचालनालय ने केंद्र के दूरसंचार कानून और 2024 के मार्गाधिकार नियमों के अनुरूप पारदर्शी और समान पहुंच की व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं।
संयुक्त निर्देश में कहा गया है कि सार्वजनिक स्थानों पर साझा दूरसंचार ढांचे का उपयोग सभी पात्र दूरसंचार कंपनियों के लिए खुला रहना चाहिए। किसी एक न्यूट्रल होस्ट ढांचा प्रदाता या दूरसंचार कंपनी को विशेष अधिकार देकर दूसरी कंपनियों की पहुंच रोकना नियमों के विपरीत होगा।
सार्वजनिक स्थानों पर साझा डक्ट, कंड्यूट या केबल गलियारे के लिए लिया जाने वाला शुल्क बाजार दर और कम से कम 25 साल में लागत वसूली के सिद्धांत को ध्यान में रखकर तय करने को कहा गया है। इसका उद्देश्य सार्वजनिक संपत्तियों को केवल राजस्व कमाने का जरिया बनने से रोकना है।
निविदा में शामिल होने वाली एजेंसी के पास दूरसंचार विभाग का वैध लाइसेंस और प्रमुख दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के साथ आवश्यक करार होना भी अनिवार्य किया गया है।
दूरसंचार विभाग के संज्ञान में आया था कि कुछ सार्वजनिक संस्थाओं में चुनिंदा एजेंसियों को साझा दूरसंचार ढांचा लगाने का विशेष अधिकार दिया गया। आरोप था कि इसके बाद दूसरी कंपनियों से मनमाना शुल्क वसूला जा रहा था। इसका असर उपभोक्ताओं को मिलने वाली मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं की गुणवत्ता पर पड़ रहा था।
नई निविदाओं में नियमों का पालन जरूरी सभी निकायों को भविष्य की नई निविदाओं और अनुबंधों में 2024 के मार्गाधिकार नियमों का पालन सुनिश्चित करने कहा गया है। ऐसी कोई व्यवस्था नहीं करने के निर्देश हैं, जिससे दूसरी पात्र दूरसंचार कंपनियों की पहुंच बाधित हो।
नए भवनों और सार्वजनिक अवसंरचनाओं में भवन के भीतर मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए छत्तीसगढ़ भूमि विकास अधिनियम के संशोधित नियम 89-ख और मॉडल भवन उपविधि के प्रविधानों का पालन करना होगा।




