छत्तीसगढ़

भिलाई नगर निगम चुनाव: महापौर पद को लेकर भाजपा और कांग्रेस में दावेदारों की चर्चा तेज

भिलाई नगर निगम चुनाव की आहट के साथ ही महापौर पद को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। चुनाव दिसंबर 2026 में होना है, लेकिन भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों में महापौर पद के संभावित दावेदारों को लेकर चर्चा का दौर शुरू हो गया है। 70 वार्डों वाले भिलाई निगम में इस बार महापौर पद पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित होने की चर्चा के बाद ऐसे नेताओं के नाम सामने आने लगे हैं, जो संगठन, राजनीति और सामाजिक समीकरणों के लिहाज से अपने-अपने दलों में सक्रिय हैं।

भिलाई निगम में महापौर पद पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित है और चुनाव दिसंबर 2026 में होना है। यहां की राजनीति में महापौर का पद केवल नगर सरकार का नेतृत्व करने तक सीमित नहीं रहा है। निगम क्षेत्र में बड़ी आबादी, औद्योगिक क्षेत्र, टाउनशिप, श्रमिक बस्तियां और लगातार बढ़ता शहरी विस्तार इसे दुर्ग जिले की राजनीति का महत्वपूर्ण केंद्र बनाते हैं। यही वजह है कि दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों में संभावित दावेदारों को लेकर अंदरखाने चर्चा शुरू हो गई है।

भाजपा की ओर से वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन का नाम चर्चा में है। उनके अलावा निगम में नेता प्रतिपक्ष भोजराज सिन्हा, पूर्व जिला भाजपा अध्यक्ष महेश वर्मा, पूर्व क्रीड़ा समिति सदस्य विजय साहू, तुलसी साहू, पूर्व महापौर निर्मला यादव और लता ऋषि चंद्राकर के नाम भी संभावित दावेदारों में लिए जा रहे हैं। चुनाव कार्यक्रम और आरक्षण की अंतिम स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही दावेदारी का वास्तविक स्वरूप सामने आएगा।

कांग्रेस में भी महापौर पद के लिए भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव के साथ उनकी पत्नी श्रुतिका ताम्रकार यादव का नाम भी संभावितों में लिया जा रहा है। वर्तमान महापौर नीरज पाल के नाम की चर्चा स्वाभाविक रूप से बनी हुई है। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर, पूर्व महापौर नीता लोधी और अतुल साहू भी संभावित चेहरों में हैं। दोनों ही दलों में महापौर पद के साथ निगम के 70 वार्डों में संगठनात्मक मजबूती बनाए रखने की चुनौती होगी।

भिलाई निगम की स्थापना के बाद महापौर पद की राजनीति में कांग्रेस और भाजपा दोनों के चेहरे सामने आते रहे हैं। प्रथम महापौर के रूप में कांग्रेस की नीता लोधी ने जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद भाजपा के स्व विद्यारतन भसीन महापौर बने। कांग्रेस की निर्मला यादव ने भी शहर सरकार का नेतृत्व किया। इसके बाद देवेंद्र यादव महापौर बने और वर्तमान में कांग्रेस के नीरज पाल महापौर हैं।

विशेष क्षेत्र प्राधिकरण की व्यवस्था के बाद नगरीय निकाय चुनावों में कांग्रेस ने चार बार शहर सरकार बनाया। कांग्रेस चौथी बार सत्ता में आने और भाजपा सत्ता छीनने के लिए जोर अभी से लगाने लगी है।

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